फ़्लिन को लेकर ओबामा ने ट्रंप को दी थी चेतावनी

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अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने डोनल्ड ट्रंप को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के पद पर माइकल फ़्लिन की नियुक्ति को लेकर चेताया था.
व्हाइट हाउस ने इस बात की पुष्टि की है.
ओबामा के पूर्व प्रशासन में रह चुके एक अधिकारी ने बताया कि नवंबर में चुनाव के 48 घंटों के बाद ओवल ऑफ़िस में एक बातचीत के दौरान ओबामा ने ट्रंप को चेतावनी दी थी.
वॉशिंगटन में सीनेट के सामने पेशी के दौरान माइकल फ़्लिन के रूसी राजदूत से संपर्क को लेकर सवाल उठने की संभावना है.
रूसी अधिकारियों से संपर्क को लेकर जानकारी छुपाने की ख़बर सामने आने के बाद माइकल फ़्लिन को पद से हटा दिया गया था.

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पूर्व सेनाधिकारी माइकल फ़्लिन ने ट्रंप प्रशासन के कार्यभार संभालने से पहले रूस के ख़िलाफ़ लगे प्रतिबंधों पर अमरीका में रूसी राजदूत सर्गेई किस्लयेक से चर्चा को लेकर भ्रामक जानकारी दी थी.
व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव शॉन स्पाइसर ने सोमवार को पत्रकारों को बताया कि ये सच है कि पूर्व राष्ट्रपति ओबामा ने कहा था कि वो माइकल फ़्लिन के प्रशंसक नहीं हैं.
लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि माइकल फ़्लिन ओबामा के लिए काम कर चुके हैं और आईएस और अमरीका के लिए दूसरे ख़तरों से निपटने के ओबामा के तरीके की ख़ुले तौर पर आलोचना भी करते रहे हैं.

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ओबामा प्रशासन ने माइकल फ़्लिन को 2014 में कुप्रबंधन और मिज़ाज को लेकर डिफ़ेंस इंटेलिजेंस एजेंसी के प्रमुख के पद से हटा दिया था.
लेकिन स्पाइसर ने कहा, "अगर ओबामा जनरल फ़्लिन को लेकर इतने चिंतित थे तो उन्हें कुछ महीने पहले दी गई सिक्यूरिटी क्लियरेंस रद्द क्यों नहीं कर दी गई?"
उन्होंने ये भी सवाल उठाया कि फ़्लिन को एक संबोधन के लिए रूस क्यों जाने दिया गया जिसके लिए उन्हें वहां से भुगतान भी मिला था.
'रूसी अधिकारी कर सकते थे ब्लैकमेल'

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इससे पहले पूर्व कार्यकारी अटॉर्नी जनरल सैली येट्स ने सीनेट के पैनल के सामने पेश होते हुए पहली बार माइकल फ़्लिन के किस्लयेक के साथ संपर्क की बात मानी थी.
सैली येट्स ने सीनेटरों को बताया कि उन्होंने व्हाइट हाउस के अधिकारी डॉन मैकगाह्न को 26 जनवरी को एक बैठक में फ़्लिन के बारे में चेतावनी दी थी.
उन्होंने कहा था कि माइकल फ़्लिन ने अमरीकी उप राष्ट्रपति से झूठ बोला था और रूसी अधिकारियों को इसकी जानकारी थी. इससे समझौते की स्थिति बन रही थी जिससे रूसी अधिकारी अमरीका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार को ब्लैकमेल कर सकते थे.
सैली येट्स ने हालांकि ये साफ़ नहीं किया कि फ़्लिन और रूसी राजदूत के संपर्क के बारे में उन्हें ये जानकारी क्या अमरीकी ख़ुफ़िया विभाग की तरफ़ से आई थी.
फ़्लिन और रूसी अधिकारियों के संपर्क की जांच एफ़बीआई और हाउस ऑफ़ सीनेट इंटेलीजेंस कमेटी कर रही है.
जानकारी लीक करने का आरोप

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अमरीका में पिछले नवंबर में राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनल्ड ट्रंप के रूस को फ़ायदा पहुंचाने के कथित प्रयास को लेकर अमरीका में जांच चल रही है.
इसके अलावा ट्रंप के प्रचार से जुड़े लोगों के रूस के साथ संपर्क भी जांच के दायरे में है.
सैली येट्स 27 साल से न्याय विभाग की प्रॉसिक्यूटर थीं, लेकिन जनवरी में राष्ट्रपति ट्रंप ने छह मुस्लिम बहुल देशों के लोगों पर लगाए गए ट्रैवल बैन का समर्थन नहीं करने वाली सैली येट्स को पद से हटा दिया था.
वहीं राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने येट्स पर मीडिया में जानकारी लीक करने का आरोप भी लगाया है.
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