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मां डायना की मौत के 20 साल तक सदमे में रहे प्रिंस हैरी
ब्रितानी राजघराने के राजकुमार प्रिंस हैरी ने कहा है कि उन्होंने अपनी मां प्रिंसेज़ डायना की मौत के सदमे से उबरने के लिए डॉक्टरों की मदद ली थी.
अंग्रेजी अखबार डेली टेलीग्राफ से बात करते हुए प्रिंस हैरी ने कहा, "मैं कह सकता हूं कि 12 साल की उम्र में अपनी मां को खोना और उसके बाद 20 सालों तक अपनी सभी भावनाओं को दबा कर रखने से मेरी व्यक्तिगत जिंदगी के साथ-साथ मेरे काम पर भी असर पड़ा है. मैं कई मौकों पर पूरी तरह से टूटने की कगार पर पहुंच चुका था.. जब हर तरह का दुख, झूठ और गलतफहमियां आपको घेर रही हों."
मां को खोने का सदमा
प्रिंसेज़ डायना की साल 1997 में एक कार दुर्घटना में मौत हो गई थी. प्रिंस हैरी कहते हैं, "इससे निपटने का मेरा तरीका ये था कि मैंने इस बारे में सोचना बंद कर दिया था."
प्रिंस हैरी बताते हैं कि वह खुद को 20 से 25 और 28 साल के युवक की तरह देखते रहे जिनकी जिंदगी में 'सब कुछ ठीक चल रहा' था.
"फिर, मैंने बात करना शुरू किया और अचानक से, जिस दुख को सालों से तरजीह नहीं दी जा रही थी, निकलकर सामने आ गया और मुझे अहसास हुआ कि मुझे इस दुख से निपटना था."
प्रिंस हैरी बताते हैं कि एक दिन उनके भाई ने उनसे कहा , "देखिए, आपको इससे निबटना पड़ेगा, ये सामान्य नहीं है कि किसी चीज ने आपको परेशान नहीं किया. इसके बाद मैंने इस बारे में कुछ करने का फ़ैसला किया."
बॉक्सिंग ने मुझे बचाया
प्रिंस हैरी कहते हैं कि उन्होंने मनोचिकित्सक से भी सलाह ली है.
अपने बॉक्सिंग से जुड़े शौक के बारे में पूछने पर प्रिंस हैरी कहते हैं कि बॉक्सिंग ने उन्हें बचा लिया क्योंकि इस तरह से उन्हें अपना गुस्सा बाहर निकालने का मौका मिला.
टेलीग्राफ़ अख़बार के मुताबिक प्रिंस हैरी ने इस बारे में इसलिए बात करने का फ़ैसला किया ताकि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर लोग खुल कर बात करने के लिेए प्रोत्साहित हो सकें.
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