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'भारत योजना के तहत कश्मीरियों को मार रहा है'
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ ने कुलभूषण जाधव के मामले में भारतीय विदेश मंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि भारत कश्मीर में निहत्थे नागरिकों का 'नरसंहार' करने की योजना के तहत काम कर रहा है.
भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के भारतीय संसद में दिए गए बयान को अस्वीकार करते हुए ख़्वाजा आसिफ़ ने पाकिस्तानी संसद के ऊपरी सदन में कहा कि कुलभूषण जाधव के मामले में सभी क़ानूनों को ध्यान में रखा गया है.
सुषमा स्वराज ने कहा था कि यदि कुलभूषण जाधव को सुनाई गई सज़ा को लागू कर दिया गया तो इसे सोच-समझकर या योजना के तहत की गई हत्या माना जाएगा.
ख़्वाजा आसिफ़ ने सुषमा स्वराज के इस बयान को खारिज कर दिया है.
पाकिस्तानी संसद में दिए बयान में ख़्वाजा आसिफ़ ने कहा है कि कुलभूषण जाधव ने न सिर्फ़ पाकिस्तान में शांति भंग करने की कोशिश की बल्कि ऐसा करने वालों का नेतृत्व और मार्गदर्शन भी किया.
उन्होंने कहा, "एक लंबी जांच और सभी घरेलू क़ानूनों को ध्यान में रखते हुए ही कुलभूषण जाधव को मौत की सज़ा सुनाई गई है और क़ानून के अनुसार उनके पास भी अपील करने का अधिकार मौजूद है.''
रक्षा मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ ने संसद में यह भी कहा कि वह एक बड़ा स्पष्ट संदेश देना चाहते हैं और वह यह है कि "पाकिस्तान में किसी भी विदेशी या घरेलू तत्वों को आतंकवाद या इस देश में शांति की स्थिति ख़राब करने अनुमति नहीं दी जाएगी. और अगर किसी ने ऐसा करने की कोशिश की तो क़ानून पूरी ताक़त से हरकत में आएगा और पाकिस्तानी राष्ट्र ऐसे तत्वों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की क़ाबीलियत रखता है."
रक्षा मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ के बयान के बाद सदन के अध्यक्ष रज़ा रब्बानी का कहना था कि भारत की ओर से लगाया जाने वाला यह आरोप बेबुनियाद है कि कुलभूषण जाधव को योजना के तहत मौत की सज़ा सुनाई गई है.
उन्होंने कहा कि, "पाकिस्तान की ओर से सभी नियमों को ध्यान में रखते हुए यह सज़ा सुनाई गई है और अगर यही मामला भारत में हुआ होता तो न ही इतनी तहक़ीक़ात की जाती और न ही क़ानूनों का ध्यान रखा जाता.''
कथित भारतीय जासूस कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान में मौत की सज़ा सुनाए जाने के बाद भारत में रोष है. लोग न सिर्फ़ सोशल मीडिया पर कड़ी टिप्पणियां कर रहे हैं बल्कि कई शहरों में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ प्रदर्शन भी हुए हैं.
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