ट्रंप के ट्रैवल बैन के फ़ैसले पर कोर्ट की रोक

सात मुस्लिम बहुल देशों के नागरिकों के अमरीका आने पर प्रतिबंध के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के आदेश पर सिएटल में एक अमरीकी जज ने अस्थाई रोक लगा दी है.

सिएटल के जज ने सरकारी वक़ीलों के उन दावों को ख़ारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि अमरीकी राज्य ट्रंप के एक्जीक्यूटिव ऑर्डर्स पर फ़ैसला नहीं दे सकते.

वाशिंगटन से बीबीसी संवाददाता ब्रजेश उपाध्याय का कहना है कि ट्रंप प्रशासन के लिए ये अबतक का सबसे बड़ा क़ानूनी झटका है.

ट्रंप को कोर्ट से झटका

बॉस्टन की एक अदालत ने शुक्रवार को ही उनके हक़ में फ़ैसला सुनाया था लेकिन वाशिंगटन राज्य में देर शाम सुनाए गए इस फ़ैसले का असर पूरे देश पर लागू होने की बात हो रही है.

विदेश विभाग और गृह मंत्रालय इस समय क़ानूनी विशेषज्ञों के साथ मशविरा कर रहे हैं कि 60 हज़ार से ज़्यादा जिन वीज़ाओं को रद्द कर दिया गया है उन पर क्या कदम उठाए जाएं. अमरीकी मीडिया कह रही है कि कस्टम और आप्रवासन अधिकारियों ने तमाम एयरलाइंस के साथ बात की है और ट्रंप का फ़रमान जारी होने से पहले की सामान्य स्थिति बहाल करने की बातें हो रही हैं.

व्हाइट हाउस ने एक बयान जारी किया है कि न्याय विभाग जितनी जल्दी संभव होगा अदालत के इस फ़ैसले को रोकने के लिए इमरजेंसी अपील दाखिल करेगा.

बयान में कहा गया है, "हमारा मानना है कि राष्ट्रपति का ये आदेश कानूनी तौर पर सही है और उचित है. उनका ये आदेश देश की सुरक्षा के लिए है और अमरीका जनता की सुरक्षा उनका संवैधानिक अधिकार है."

ट्रंप प्रशासन के लिए फिलहाल यह सबसे बड़ी चुनौती है. अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रपति ट्रंप के एक्जीक्यूटिव ऑर्डर के बाद से 69,000 वीज़ा रद्द किए जा चुके हैं.

ट्रंप ने एक हफ़्ते पहले यह फ़ैसला प्रवासियों की संख्या को कम करने का तर्क देकर लिया था. ट्रंप के कार्यकारी आदेश से अमरीकी शरणार्थी प्रवेश कार्यक्रम 120 दिनों को लिए रद्द हो गया है.

ट्रंप के फ़ैसले के ख़िलाफ़ कई अमरीकी राज्य

इसके साथ ही सीरियाई शरणार्थियों पर अनिश्चितकालीन प्रतिबंध लगा दिया गया है. सीरिया, इराक, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान और यमन के नागरिकों को 90 दिनों तक अमरीकी वीज़ा नहीं मिलेगा. राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश के ख़िलाफ़ पहले वाशिंगटन स्टेट कोर्ट गया था. बाद में मिनेसोटा भी इस अभियोग में वाशिंगटन के साथ आ गया.

ट्रंप का आदेश असंवैधानिक?

वाशिंगटन स्टेट के अटॉर्नी जनरल बॉब फ़र्गुसन ने कहा कि यह प्रतिबंध ग़ैरक़ानूनी और असंवैधानिक है. हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है उनका इरादा इस प्रतिबंध से अमरीका को सुरक्षित रखना है. उन्होंने कहा कि जब नीतियों को और ज़्यादा दुरुस्त कर दिया जाएगा तो इन देशों के लिए फिर से वीज़ा जारी किया जाएगा.

नॉर्वे के पूर्व पीएम को रोका गया

ट्रंप ने इस बात से इनकार कर दिया था कि यह प्रतिबंध मुस्लिमों पर है. कई अमरीकी राज्यों के अटॉर्नी जनरल ने कहा है कि ट्रंप का फ़ैसला असंवैधानिक है. कई फेडरल जजों ने वीज़ाधारकों को वापस भेजने पर भी रोक लगा दी है.

इस बीच नॉर्वे के पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा है कि उन्हें इसी हफ्ते अमरीकी एयरपोर्ट पर रोक लिया गया क्योंकि उनके पासपोर्ट पर ईरानी वीज़ा था. उन्होंने इसे उकसाने वाली कार्रवाई करार दिया है.

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