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पाकिस्तान: 20 दिन बाद लौटे एक्टिविस्ट सलमान हैदर
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद से ग़ायब हुए पाकिस्तानी ब्लॉगर सलमान हैदर क़रीब बीस दिनों के बाद वापस अपने घर लौट आए हैं.
हाल के हफ़्तों में ग़ायब हुए पांच उदारवादी कार्यकर्ताओं में से वो एक थे. उनके लौटने के साथ ही अब सभी कार्यकर्ता लौट आए हैं.
हैदर के भाई ने बताया कि हैदर सही सलामत हैं. हालांकि उन्होंने अभी यह नहीं बताया है कि वो इतने दिन तक कहां थे.
हैदर ने सोशल मीडिया पर देश की सेना और उग्रवाद के ख़िलाफ़ अपने विचार रखे थे. अभी तक किसी भी समूह ने उन्हें बंद कर रखने की ज़िम्मेदारी नहीं ली है.
सरकार ने भी इसमें सरकारी ख़ुफ़िया एजेंसी के शामिल होने से आरोपों से इंकार किया है.
इसी साल जनवरी में ये कार्यकर्ता ग़ायब हो गए थे, जिसके बाद सैंकड़ों लोगों ने प्रदर्शन किया और अधिकारियों से उन्हें खोजे जाने की मांग की.
जानेमाने कवि और विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैदर को आख़िरी बार इस्लामाबाद में 6 जनवरी को देखा गया था. इसके दो दिन पहले लाहौर में ब्लॉगर वकास गोराया और उनके कज़िन असीम सईद ग़ायब हो गए थे.
एक अन्य ब्लॉगर अहमद रज़ा नसीर शनिवार को लाहौर के शेखपुरा में अपनी दुकान से ग़ायब हो गए थे. कुछ दिन बाद एक अन्य कार्यकर्ता समर अब्बास भी लापता हो गए थे.
पाकिस्तान की सरकार ने इस पर चिंता जताई थी और कहा था कि वो मामले की जांच कर रहे हैं.
लेकिन इन कार्यकर्ताओं के समर्थकों ने सरकारी ख़ुफ़िया विभाग पर गुप्त तरीके से इन्हें गिरफ्तार करने का आरोप लगाया था. इन कार्यकर्ताओं के लापता होने के बाद इन पर सोशल मीडिया पर ईशनिंदा के आरोप लगाए गए.
कट्टर मुस्लिम बहुल पाकिस्तान में ईशनिंदा को एक गंभीर आरोप माना जाता है और इस कारण इन कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी.
हैदर को बलूचिस्तान प्रांत में लोगों के ग़ायब होने के विरोध में अभियान चलाने के लिए जाना जाता है.
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