You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
ट्रंप की 'मेक्सिको दीवार' की राह के रोड़े
अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप मेक्सिको सीमा पर "अभेद्य, लंबी, मज़बूत, सुंदर" दीवार बनाना चाहते हैं.
लेकिन सवाल ये है कि ये दीवार कितनी लंबी, कितनी मज़बूत और कितनी सुंदर होगी?
दरअसल अमरीका-मेक्सिको सीमा लगभग 3,100 किलोमीटर यानी 1,900 मील लंबी है. ये ख़ाली मैदान, धूल भरे रेगिस्तान, हरियाली भरे इलाक़े और रियो ग्रांड के कठोर वातावरण से गुज़रती है.
हालांकि 650 मील तक की सीमा पर पहले से ही कहीं कहीं कटीली बाड़ है तो कहीं ये कंक्रीट की है..
ट्रंप का कहना है कि नई दीवार 1,000 मील लंबी होगी, बाकी के हिस्से में जो प्राकृतिक अड़चने मौजूद हैं ये ही सीमा का काम करेंगीं.
ट्रंप पूरे प्रचार अभियान में इस बात पर ज़ोर देते रहे कि वे दक्षिणी सीमा की किलेबंदी कर देंगे.
इस साल जनवरी में अपने प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने एक संवाददाता के सवाल को संशोधित करते हुए कहा था, "यह बाड़ नहीं होगी, बल्कि दीवार होगी."
लागत कितनी?
'नेशनल मेमो' में छपे एक लेख में न्यूयॉर्क के एक इंजीनियर अली एफ़ रुज़कान का अनुमान है कि इस दीवार के निर्माण में 33 करोड़ 90 लाख घन फ़ीट कंक्रीट की ज़रूरत होगी. यह हूवर डैम बनाने में लगी कंक्रीट से तीन गुने से भी ज़्यादा होगा.
ट्रंप ने इस दीवार के बारे में कहा था, "यह बहुत ही बड़ी दीवार होगी और यकीन कीजिए, मुझसे बेहतर दीवार कोई दूसरा नहीं बना सकता. मैं इसे सस्ते में बनाऊंगा."
ट्रंप का दावा है कि इस दीवार पर 10-12 अरब डॉलर ख़र्च आएगा, लेकिन इंजीनियरों के साथ-साथ अन्य अनुमानों के मुताबिक़ इसकी लागत कहीं ज़्यादा होगी.
मेक्सिको सीमा पर पहले से मौजूद 650 मील लंबी बाड़ बनाने पर ही 7 अरब डॉलर खर्च हुआ था और इस दीवार के किसी भी हिस्से को किसी भी तरह से अभेद्य, सुंदर और मज़बूत नहीं कहा जा सकता है.
खर्च बढ़ने की दूसरी वजहें भी हैं. ट्रंप की योजना के मुताबिक़, यह दीवार पहाड़ी, दुर्गम और सुदूर इलाक़ों से गुजरेगी.
कई जगहों पर ये निजी ज़मीन पर बनेगी जिन्हें ख़रीदना होगा, उनके मालिकों को हर्ज़ाना देना होगा.
वॉशिंगटन पोस्ट का अनुमान है कि इस दीवार पर 25 अरब डॉलर के आस पास ख़र्च करना पड़ सकता है.
खर्चा कौन उठाएगा?
इस पर ट्रंप ने कई बार कई तरह की बातें कही है.
हाल ही में उन्होंने संकेत दिया है कि दीवार बनाने पर पहले अमरीका ख़र्च करेगा और बाद में मेक्सिको से पैसे वसूले जाएंगे. पर यह स्पष्ट नहीं है कि वे मेक्सिको को पैसे देने के लिए मजबूर कैसे करेंगे.
मेक्सिको के राष्ट्रपति का कहना है कि वो इस दीवार के लिए पैसे नहीं देंगे.
ट्रंप ने कहा था कि वे मेक्सिको से आकर अमरीका में काम कर रहे प्रवासियों को अपने देश पैसा भेजने पर रोक लगाएंगे. इसके लिए वे यूएस पैट्रियट एक्ट के आतंकवाद निरोधी उपायों का सहारा लेंगे.
यह पूछे जाने पर कि क्या वे सचमुच आतंकवाद निरोधी क़ानून का इस्तेमाल कर मेक्सिको से ज़बरन पैसे वसूलेंगे, ट्रंप ने दूसरे उपाय सुझाए. इनमें वीज़ा आवेदन की फ़ीस बढ़ाना भी शामिल है.
पर्यावरण का मुद्दा भी
अमरीका और मेक्सिको के बीच आवाजाही सिर्फ़ एक मानवीय मुद्दा नहीं है. दीवार बनने से उन जानवरों का क्या होगा, जो उन इलाकों में रहते हैं?
साथ ही इस सीमा से जुड़े पर्यावरण के मुद्दे भी हैं, यहां पशु पक्षी बेरोकटोक आते जाते रहते हैं. बड़ी तादाद में पशु-पक्षी प्रजनन के लिए इस सीमा को पार करते हैं.
रियो ग्रांड नदी इस सीमा से गुज़रती है.
इसके अलावा बड़े पैमाने पर होने वाले निर्माण कार्यों का भी असर पड़ेगा.