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तुर्की हिस्सा चाहता है मोसुल की लड़ाई में
इराक़ के शहर मोसुल को तथाकथित चरमपंथी इस्लामिक स्टेट के कब्ज़े से छुड़ाने की मुहिम चलाई जा रही है. इस मुहिम का हिस्सा इराक का पड़ोसी तुर्की भी बनना चाहता है.
तुर्की प्रधानमंत्री बिनाली यल्दिरिम का कहना है, ''जब इराकी शहर मोसुल को इस्लामिक स्टेट के चुंगल से छुड़ाने की मुहिम चलाई जा रही है, तो हम चुप नहीं रह सकते."
वो आगे कहते हैं कि यह इसलिए भी जरूरी है क्योंकि इराक और अमेरिका ने अपने वादों को पूरा नहीं किया है. इस अभियान में दोनों देशों ने शिया लड़ाकों और कुर्द अलगाववादियों को भी भाग लेने की अनुमति दे दी है.
इराकी प्रधानमंत्री हैदर अल अब्दी ने शनिवार को अमरीका से कहा कि "अभी तुर्की सेना की मदद की जरूरत नहीं है."
इराक़ के दूसरे बड़े शहर मोसुल को तथाकथित चरमपंथी समूह इस्लामिक स्टेट से छुड़ाने के लिए इराक़ और अमरीका ने पिछले छह दिनों से मुहिम छेड़ी हुई है.
साल 2014 से इस्लामिक स्टेट के कब्ज़े वाले मोसुल को छुड़ाने के लिए कुर्द पेशमरगा लड़ाकों के सहयोग से इराक़ी सेना और अमरीका के नेतृत्व में मुहिम चलाई जा रही है.
सोमवार से शुरु हुई इस मुहिम में इराकी सेना दक्षिण की तरफ से आगे बढ़ रही है और कुद्र लड़ाके पूर्व की ओर से.
तुर्की का कहना है कि इस मुहिम में उसे भी शामिल किया जाना चाहिए.
बुर्सा में अपने समर्थकों से बात करते हुए तुर्की के राष्ट्रपति रिचप तैय्यप अर्दोआन ने कहा "उनका देश सीरिया और इराक में इस्लामिक स्टेट से लड़ता रहेगा."
तैय्यप ने कहा सीरियाई शहर इदलिब, अलेप्पो, मानबिज, अल-हसाका, इराक़ी शहर मोसुल, किरकुक और हमारे भाई बंधु जो इन शहरों में रहते हैं, हम उनकी सुरक्षा के बारे में सोच रहे हैं. हम केवल शांति, स्थिरता और स्थायित्व चाहते हैं,
लेकिन तुर्की की इस गुज़ारिश से इंकार करते हुए इराक़ के प्रधानमंत्री हैदर अल अबादी ने अमरीकी रक्षा सचिव ऐश कार्टर से कहा है कि तुर्की को इस मुहिम में शामिल करने की अभी कोई ज़रूरत नहीं है. अभी स्थिति इराक़ के नियंत्रण में है.
कार्टर फिलहाल इराक में हैं और इस्लामिक स्टेट को हराने की मुहिम का जायज़ा ले रहे हैं.
कुर्द पेशमरगा लड़ाकों के सहयोग से इराक़ी सेना और अमरीका के नेतृत्व में यह मुहिम चला रही है.
प्रधानमंत्री हैदर अल अबादी आगे कहते हैं "मैं जानता हूं कि तुर्क भी इसका हिस्सा बनना चाहते हैं. हम उनका धन्यवाद करते हैं लेकिन इस मामले को इराक़ी संभालेंगे और इराक़ी ही मोसुल को और अन्य इलाकों को आज़ाद कराएंगे."
तुर्की का कहना है कि सीरिया के कुर्द लड़ाकों के संबंध तुर्की के कुर्द विद्रोही संबंध पीकेके के साथ हैं. तुर्की में पिछले साल हुए कई हमलों के लिए पीकेके को ज़िम्मेदार बताया गया था.
इस बीच सल्फ़र संयंत्र से लीक हुई विषैली गैसों के प्रभाव से बचाने के लिए इराक में सैकड़ों लोगों का इलाज़ चल रहा है.
शुक्रवार को किरकुक में चरमपंथी हमला हुआ था.
स्वास्थ्य सूत्रों के अनुसार उस हमले में लगभग 35 लोगो की मौत हो गई थी जबकि 120 लोग घायल हो गए थे.
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