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'कराट को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सीपीएम के पूर्व नेता और लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने कहा है कि चुनावों में पार्टी की हार की ज़िम्मेदारी लेते हुए महासचिव प्रकाश कराट को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए. सोमनाथ ने कहा, '' हालांकि मैं प्रकाश कराट को ये सुझाव नहीं दे सकता हूँ क्योंकि मैं पार्टी में अब नहीं रहा. लेकिन प्रकाश कराट की अंतर्रात्मा की आवाज़ पर इस्तीफ़ा देने के बारे में विचार करना चाहिए.'' सोमनाथ चटर्जी ने कहा, '' हम उनके इस्तीफ़े की बात नहीं कर रहे क्योंकि वामपंथी दलों का कहना है कि वे संयुक्त रूप से फ़ैसले लेते हैं लेकिन किसी न किसी को तो ज़िम्मेदारी लेनी ही होगी.'' उनका कहना था कि पश्चिम बंगाल में पार्टी की ऐसी बुरी हालत कभी नहीं हुई. उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1984 के चुनाव में भी इतनी बुरी हालत नहीं हुई थी. उन्होंने कहा आत्ममुग्ध नेतृत्व से पार्टी का भला नहीं होगा. सोमनाथ ने कहा कि पार्टी नेतृत्व को आत्मावलोकन करना चाहिए और जनता और पार्टी नेताओं के बीच के बढ़ रहे अंतर को दूर करना चाहिए. जब उनसे पूछा गया कि क्या परमाणु समझौते के मुद्दे पर सरकार से वामपंथी दलों का समर्थन वापसी का फ़ैसला सही था, तो सोमनाथ ने कहा कि पार्टी को खुद इस पर विचार करना चाहिए. उन्होंने कहा कि पूरे चुनाव अभियान के दौरान परमाणु क़रार का मुद्दा नहीं उठा और यहाँ तक कि वामपंथी दलों ने भी इसकी चर्चा नहीं की. |
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