कहां से निकलीं हैं ये तीन महिला फ़ाइटर पायलट

पहली तीनों महिला फ़ाइटर एक साथ अवनी चतुर्वेदी, मोहना सिंह और भावना कंठ.

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इमेज कैप्शन, पहली तीनों महिला फ़ाइटर एक साथ अवनी चतुर्वेदी, मोहना सिंह और भावना कंठ.

भारत में पहली बार तीन महिलाओं को फ़ाइटर पाइलट के तौर पर कमीशन दिया गया है. ये तीनों पायलट हैं- भावना कंठ, अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह.

इन तीनों ने अपने ट्रेनिंग का पहला चरण पूरा कर लिया है और इस दौरान क़रीब 150 घंटे तक हवा में फ़ाइटर प्लेन को उड़ाने की दक्षता हासिल की है. फ़्लाईंग ऑफ़िसर बनने के बाद उन्हें अगले छह महीने तक एडवांस जेट फ़ाइटर विमान में ट्रेनिंग मिलेगी.

चलिए जानते हैं कौन हैं ये तीनों पायलट, जिन्होंने महिलाओं के लिए फ़ाइटर पायलट बनने के दरवाज़े खोले हैं.

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भावना कंठ: भावना बिहार के दरभंगा ज़िले की हैं. हालांकि उनकी पैदाइश बेगुसराय ज़िले के बरौनी रिफ़ाइनरी में हुई. उनके पिता इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन में इंजीनियर हैं, जबकि मां गृहिणी. बरौनी रिफ़ाइनरी के डीएवी पब्लिक स्कूल से पढ़ाई करने के बाद भावना ने बीएमएस कॉलेज, बेंगलौर से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की.

भारतीय वायुसेना से अपने जुड़ाव पर उनका कहना है कि वो बचपन से ही पक्षी की तरह उड़ना चाहती थीं और अब फ़ाइटर पायलट के तौर पर देश की सेवा करना चाहती हैं.

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अवनी चतुर्वेदी: अवनी चतुर्वेदी मध्य प्रदेश के सतना ज़िले की हैं. इनके पिता मध्य प्रदेश सरकार में एक्जीक्यूटिव इंजीनियर हैं. रीवा के आदर्श हायर सेकेंडरी स्कूल से पढ़ाई करने वाली अवनी ने जयुपर के वनस्थली यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया है.

कॉलेज के दिनों में फ्लाईंग क्लब में विमान में उड़ने का मौका मिला और उस अनुभव के बाद अवनी ने तय किया कि वह भारतीय वायुसेना में पायलट बनेंगी, वो भी फ़ाइटर पायलट. अब उनका सपना पूरा हो चुका है और उनका इरादा देश की सर्वेश्रेष्ठ पायलट बनने का है.

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मोहना सिंह: मोहना सिंह राजस्थान के झूझंनू ज़िले की है. भारतीय वायुसेना से उनका रिश्ता ख़ून में शामिल हो चुका है. उनके पिता भारतीय वायुसेना के अधिकारी हैं और जबकि मां पेशे से शिक्षिका हैं. दादा भी भारतीय वायुसेना का हिस्सा रहे हैं. दिल्ली के एयर फ़ोर्स स्कूल से पढ़ाई करने के बाद मोहना ने जीआईएमईटी, अमृतसर से बीटेक की डिग्री हासिल की.

मोहना के मुताबिक वह अपने पारिवारिक विरासत को काफी आगे बढ़ाना चाहती हैं. मोहना के मुताबिक फ़्लाईंग उनके जीवन में मिला बेहतरीन मौका है.

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