करुणानिधि के बाद स्टालिन ही हैं: कनिमोड़ी

कनिमोड़ी
    • Author, नितिन श्रीवास्तव
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

तमिलनाडु की डीएमके पार्टी की नेता और राज्य सभा सांसद कनिमोड़ी ने स्वीकार किया है कि पार्टी प्रमुख और उनके पिता करुणानिधि के बाद सौतेले भाई एमके स्टालिन ही पार्टी संभालेंगे.

पिछले दिनों पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख करुणानिधि ने कहा था कि उनके न रहने की स्थिति में पार्टी की कमान स्टालिन संभालेंगे.

लेकिन डीएमके में इस बात को लेकर कथित तौर पर खींचतान रही है कि करुणानिधि का असल राजनीतिक वारिस कौन है.

करुणानिधि

उनके दो बेटे अलागिरी और स्टालिन हैं जबकि कनिमोड़ी उनकी बेटी हैं और अभी तक इन सभी को दावेदार माना जाता रहा है.

बताया जाता है कि अलागिरी इन दिनों सक्रिय राजनीति से थोड़े अलग कर दिए गए हैं और उन्होंने कुछ समाचार एजेंसियों से ये भी कहा है कि वे डीएमके के लिए वोट भी शायद ही करें.

बीबीसी हिंदी से हुई ख़ास बातचीत में कनिमोड़ी ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए-2 सरकार से अलग होने की वजह 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में डीएमके नेताओं के ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं थी बल्कि मामला श्रीलंकाई तमिल लोगों के हितों पर उनकी पार्टी के रुख़ का था.

2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में डीएमके के पूर्व केंद्रीय मंत्री ए राजा और ख़ुद करुणानिधि की बेटी कनिमोड़ी पर कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे और दोनों को जेल जाना पड़ा था.

एमके स्टालिन

इमेज स्रोत, DMK

फिलहाल दोनों नेता ज़मानत पर हैं और मामले की सुनवाई एक विशेष अदालत में भी जारी है.

इधर कनिमोड़ी का कहना है क्योंकि मामला अदालत में चल रहा है, इसमें कोई शक नहीं कि आम लोग अब इसे कहीं ज़्यादा बेहतर तरीके से समझ पाए हैं.

उन्होंने कहा, "हम लोग ख़ुद केस पूरा होने का इंतज़ार कर रहे और अपने दूसरे राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी की तरह हम कम से कम इसे बेमतलब घसीटना नहीं चाहते. हम पूरा सहयोग कर रहे हैं और चाहते है कि न्याय मिले."

कनिमोड़ी

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 16 मई को होना है जिसके नतीजे 19 मई को घोषित किए जाएंगे.

सत्ताधारी एआईडीएमके और डीएमके के बीच इस बार टक्कर बराबरी की बताई जा रही है, हालांकि कनिमोड़ी के मुताबिक़ मामला एकतरफ़ा है और उनकी पार्टी चुनाव जीतेगी.

अम्मा कैंटिन

लेकिन ये पूछे जाने पर कि जयललिता की सरकार ने अम्मा कैंटीन जैसे जो लोकप्रिय क़दम उठाए हैं उन पर डीएमके का रुख़ क्या रहेगा, कनिमोड़ी ने जवाब सीधा दिया.

उन्होंने कहा, "हम दूसरों की तरह नहीं हैं कि पुरानी स्कीमें बंद करते रहे. अगर अम्मा कैंटीन का कॉन्सेप्ट अच्छा है तो हम उसे जारी रखेंगे लेकिन इसका नाम बदल कर अन्ना कैंटीन रख देंगे."

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