सांप्रदायिकता के विरोध में लेखिका ने पद्मश्री लौटाया

इमेज स्रोत, Dalip Kaur Tiwana
सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के बागपत सांसद सतपाल सिंह ने दादरी हत्याकांड को एक ‘छोटी सी घटना’ बताया है.
दिल्ली से सटे दादरी के गांव में बीफ़ खाने की अफ़वाह उड़ने के बाद एक उग्र भीड़ ने एक मुसलमान व्यक्ति की पीट पीटकर हत्या कर दी थी.
दादरी की घटना और उससे पहले कन्नड़ विद्वान कलबुर्गी की हत्या के विरोध में कई भाषाओं के एक दर्जन से ज़्यादा लेखकों ने साहित्य अकादमी सम्मान लौटा दिया है.

इमेज स्रोत, Other
हिंदी के लेखक उदय प्रकाश से शुरु हुए इस सिलसिले में मंगलवार को पद्मश्री से सम्मानित पंजाबी की जानी-मानी उपन्यासकार दलीप कौर टिवाणा ने भी ये सम्मान केंद्र सरकार को लौटा दिया.
उधर तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके नेता करुणानिधि ने इस घटनाक्रम पर केंद्र के उदासीन रवैए की निंदा की है और इसे भारत के इतिहास में एक काला अध्याय बताया है.
साहित्यकारों ने विरोध दर्ज कराया
दलीप कौर टिवाणा को साहित्य अकादमी पुरस्कार 1971 में दिया गया था और साल 2004 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया.

इमेज स्रोत, Other
उन्होंने एक बयान में कहा है कि गौतम बुद्ध और नानक के देश में 1984 में सिखों के ख़िलाफ़ हुई हिंसा और मुसलमानों के ख़िलाफ़ बार-बार हो रही सांप्रदायिक घटनाएँ हमारे राष्ट्र और समाज के लिए शर्मनाक हैं.
लेखकों के ज़रिये नागरिक सम्मानों को लौटाए जाने की घटनाओं को डीएमके प्रमुख ने 'केंद्र की उदासीनता, नाइंसाफ़ी और निर्लज्जता करार' दिया है.

इमेज स्रोत, AFP
उधर टीवी चैनल सीएनएन-आईबीएन को दिए गए एक इंटरव्यू में सिंह ने कहा, “जहां तक दादरी जैसी छोटी घटनाओं का सवाल है, हमारा लोकतंत्र इससे निपट सकता है. हमारा देश उस तरह की घटना का सामना करने में पूरी तरह सक्षम है. “
सतपाल सिंह महानगर मुंबई के पुलिस कमिश्नर रह चुके है. पीटीआई के मुताबिक़ सिंह ने कहा कि ज़रूरत है कि सरकार मुसलमानों की बदहाली के साथ साथ दूसरे मज़हब को मानने वालों के हालात का भी ध्यान रखें.
कांग्रेस प्रवक्ता अजय कुमार ने कहा कि ये दर्शाता है कि बीजेपी क्या करने की कोशिश कर रही है.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक </caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi%20%20" platform="highweb"/></link>करें. आप हमें<link type="page"><caption> फ़ेसबुक </caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link>और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi%20%20%20" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>












