'डरते हैं, कहीं मेरी बच्ची को कोई उठा न ले'

इमेज स्रोत, AFP
- Author, विनीत खरे
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, दिल्ली से
“मेरी बच्ची के साथ जो कुछ हुआ, वो बहुत बुरा हुआ,” ये कहते हुए पीड़िता बच्ची की दादी की आंखों में आंसू आ गए.
उनकी गोद में बच्ची का छोटा भाई था. पास ही में बच्ची की बड़ी बहन खेल रही थी. बाकी का सारा परिवार बच्ची के साथ अस्पताल में है.
उत्तरी दिल्ली में चार साल की बच्ची के साथ कथित बलात्कार के बाद बच्ची की हालत गंभीर है और वो शहर के एक अस्पताल में आईसीयू में भर्ती है.
दादी ने बताया कि एक दिन पहले ही वो बच्ची से मिलकर अस्पताल से आई हैं. इतना कहते कहते वो रो पड़ती हैं.
परिवार का घर किसी माचिस के डिब्बे की तरह है. एक कोने में टीवी. एक दीवार पर फिल्मी हीरो-हेरोइन का पोस्टर था. दूसरी दीवार पर खाने के बर्तन करीने से सजे हुए थे. घर में कोई खिड़की नहीं है.
ऐसे छोटे-छोटे घर हज़ारों की तादाद में आपको भारतीय शहरों में रेल की पटरियों के किनारे मिल जाएंगे.
पीड़िता बच्ची के घर तक पहुंचने के लिए आपको छोटे, संकरे रास्तों से गुज़रना होता है. रास्ते में पड़ते हैं गंदगी से भरे हुए नाले.
गलियां इतनी तंग कि अगर आप ध्यान न दें तो आप शायद किसी से टकरा जाएं.
किसने किया?

स्थानीय लोगों के अनुसार बलात्कार की घटना रेल की पटरी के पार हुई. उस जगह पर ज़मीन धंसी हुई है. एक छोटे से पेड़ की टहनी पर हरे रंग का कपड़ा लहरा रहा था. एक व्यक्ति ने बताया, बलात्कार की घटना वहीं हुई.
पूरा इलाका सूख चुके मल से पटा हुआ था. इस जगह को स्थानीय लोग शौच के लिए इस्तेमाल करते हैं.
घटना को कथित तौर पर अंजाम देने वाले लोग कौन थे? कुछ लोगों के मुताबिक स्थानीय लोग ये काम नहीं कर सकते और ये काम बाहर वालों का है.
यहां रहने वाले स्थानीय लोग छोटा-मोटा काम कर गुज़ारा करते हैं जबकि महिलाएं पास के घरों में बर्तन या झाड़ू-पोछे का काम करती हैं.
यहां शराब के ठेकों से महिलाएँ खास तौर पर बेहद परेशान हैं.
एक स्थानीय महिला ने कहा “शराब पीकर मर्द महिलाओं के साथ अश्लील हरकतें करते हैं, खासकर जब महिलाएं शौच के लिए जाती हैं. यहां कोई शौचलय नहीं होने से लोग परेशान हैं.”
महिला ने कहा, “इस घटना से लोग डरे हुए हैं, खासकर अपने बच्चों के लिए, कि कहीं उन्हें कोई आदमी उठाकर न ले जाए.”
एक अन्य महिला ने कहा, “आप बताइए बच्चों को लेकर मां बाप कहां जाए. आज के हालात में जब तक दोनों मां-बाप काम न करें तब तक परिवार का गुज़ारा नहीं होता. अब इस घटना से मन में डर बस गया है.”
पास ही में छोटे-छोटे बच्चे खेल रहे थे.
स्थानीय लोगों ने बताया कि लोगों ने गुस्से में पास ही की एक दुकान को आग लगा दी.
लोगों के अनुसार इस दुकान पर शराब पीकर लोग देर रात तक बैठा करते थे जिससे स्थानीय लोग नाराज़ थे.
लोगों के मुताबिक इस घटना ने लोगों को हिलाकर रख दिया है और वो इसे कभी नहीं भूलेंगे.
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