बिहारः छोटे दल पर बड़ी चुनौती

बिहार स्वतंत्र उम्मीदवार

बिहार चुनाव की तारीख़ों की घोषणा होने के साथ ही प्रचार की सरगर्मी तेज़ हो गई है.

राज्य के दो प्रमुख राजनीतिक गठबंधन अपनी रणनीति बनाने में व्यस्त हैं लेकिन छोटे दलों और स्वतंत्र उम्मीदवार उनके लिए अभी पहेली बने हुए हैं.

राज्य में पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनाव में जीत का अंतर क्रमशः 12.42 प्रतिशत और 12.6 प्रतिशत था.

ऐसे में इस बार संभावित कांटे की टक्कर में ये अगर ऐसे उम्मीदवार 12 से 13 प्रतिशत वोट अपनी ओर खींचने में सफल हुए तो चुनाव नतीज़ों पर काफ़ी असर पड़ेगा.

पिछले विधानसभा चुनाव मे 56 ऐसी विधानसभा सीटें थीं जहाँ जीत का अंतर पांच प्रतिशत से भी कम रहा.

इनमें से 25 सीटें ऐसी थीं जहाँ छोटे दल और स्वतंत्र उम्मीदवार 15.38 प्रतिशत के औसत वोट के साथ शीर्ष तीन स्थानों पर रहे.

इन 25 सीटों में 18 स्वतंत्र उम्मीदवारों ने औसतन 14.56 प्रतिशत वोट, जबकि 7 सीटों पर छोटे दलों ने 17.19 प्रतिशत वोट हासिल किया.

(<link type="page"><caption> डाटामाइनएरिया</caption><url href="http://www.datamineria.com/political-analytics" platform="highweb"/></link> से साभार)

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