पुलिस ने पटेल को छोड़ा, कई जगह हिंसा

अहमदाबाद में मंगलवार रात को पुलिस पटेल समुदाय के नेता हार्दिक पटेल को रैली की जगह से अज्ञात स्थान पर ले गई और फिर कुछ देर बाद उन्हें छोड़ दिया.

मंगलवार को अहमदाबाद में पटेल समुदाय के लिए आरक्षण की मांग पर हुई विशाल रैली के बाद जीएमडीसी मैदान में उस समय अफ़रा-तफ़री मच गई जब पुलिस ने पटेल समुदाय के नेता हार्दिक पटेल को घेर लिया.

पटेल समुदाय के 22 वर्षीय नेता हार्दिक पटेल ने जीएमडीसी मैदान से तब तक न जाने की घोषणा की थी, जब तक मुख्यमंत्री आनंदीबेन वहाँ आकर प्रदर्शनकारियों से मांगपत्र नहीं लेती हैं. उन्होंने 48 घंटे तक रैली के स्थल पर डटे रहने की बात कही थी.

स्थानीय पत्रकार अंकुर जैन के मुताबिक ख़ासी संख्या में पुलिसवालों ने रैली के स्थल पर पहुँचकर हार्दिक पटेल को घेर लिया और स्टेज से वहाँ मौजूद लगभग 700-800 लोगों से शांत रहने की अपील की है.

अंकुर जैन के मुताबिक पुलिस ने उस समय वहाँ मौजूद प्रदर्शनकारियों पर लाठियां बरसाईं. इसमें मीडियाकर्मियों के वाहनों को भी नुकसान हुआ.

जब तक पुलिस ने हार्दिक पटेल को छोड़ा, तब तक अहमदाबाद के कई इलाक़ों में हिंसा, तोड़फोड़ और तनाव फैल गया था. सोला पुलिस स्टेशन पर प्रदर्शनकारियों ने हमला किया. उधर महेसाना में गृह मंत्री के घर को आग लगाई गई.

जांच के आदेश

इस बीच गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं. ट्विटर पर जारी संदेश में उन्होंने कहा है कि पुलिस आयुक्त से मामले की गहन छानबीन करने को कहा गया है और दोषी लोगों को माफ़ नहीं किया जाएगा.

आनंदी बेन ने एक अन्य ट्वीट में लोगों से शांति बनाए रखने और अफ़वाहों पर ध्यान न देने की भी अपील की है.

'2017 चुनाव आ रहा है'

इससे पहले मंगलवार को दिन में पटेल समुदाय की इस रैली को महा-क्रांति रैली कहा गया, जिसमें हज़ारों लोगों ने भाग लिया.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक हार्दिक ने रैली में कहा, "यदि आप हमें हमारा अधिकार नहीं दोगे तो हम इसे छीन लेेंगे. पटेलों पर वही राज करेगा जो पटेलों के हित की बात करेगा. गुजरात में हमने 1985 में कांग्रेस को सत्ता से बाहर किया और अब 2017 का चुनाव आ रहा है. कमल कीचड़ में नहीं खिलेगा....यदि हमारे हितों की बात करोगे, तभी कमल खिलेगा."

ग़ौरतलब है कि मुख्यमंत्री आनंदीबेन पहले ही पटेल समुदाय को आरक्षण देने के अनुरोध को ठुकरा चुकी हैं. उन्होंने इस बारे में सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का भी हवाला दिया था.

दंगा पुलिस मौजूद

मंगलवार, स्थानीय समयानुसार रात लगभग सवा आठ बजे जब जीएमडीसी मैदान पर पुलिस की कार्रवाई हुई तो वहाँ रेपिड एक्शन फोर्स और चेतक कमांडो भी मौजूद थे.

घाटलोडिया इलाके में पुलिस पर पथराव हुआ और अन्य इलाकों में कई लोग जमा होने शुरु हो गए.

अहमदाबाद के कई इलाक़ों में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और पहले से ही शहर में 20,000 सुरक्षाकर्मी तैनात हैं.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक </caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link>कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक </caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link>और<link type="page"><caption> ट्विटर </caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link>पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>