कुत्तों को गोली मारने वाले गिरफ़्तार

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तमिलनाडु के कोवलम में ग्राम पंचायत के फ़ैसले पर किराये के बंदूक़धारियों को बुलाकर कम से कम 15 लावारिस कुत्तों को गोली मार दी गई.
पुलिस इंस्पेक्टर पेरुमल ने कहा कि मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है जिसमें से एक व्यक्ति को कोर्ट ने रिमांड पर भेज दिया है.
कोवलम राजधानी चेन्नई से 30 किलोमीटर दूर समुद्र के किनारे मौजूद एक गांव है.
अभी कुछ दिनों पहले केरल में राज्य सरकार ने बाक़ायदा बैठक कर आवारा कुत्तों से निपटने की योजना तैयार की थी.
ग्राम पंचायत के फ़ैसले के बाद बंदूक़ चलाने वाले किराये पर लाए गए जिन्होंने गांव में दिखने वाले हर कुत्ते को गोलियों का निशाना बनाया.
पाँच मरे कुत्ते मिले

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घटना की ख़बर जानवरों के अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था ब्लू क्रास इंडिया को लगी जिसने पुलिस पर ये दबाव बनाया कि वो मामले में हस्तक्षेप करे.
ब्लू क्रॉस ऑफ़ इंडिया का दावा है कि जो उसके कार्यकर्ता वहां पहुंचे तो उन्हें पांच मरे कुत्ते मिले.
इनमें स्थानीय निवासी आर मोहन का पालतू कुत्ता कोकी भी शामिल था.
बुधवार को ब्लू क्रॉस ऑफ़ इंडिया के जनरल मैनेजर, डॉन विलियम्स ने केलमबक्कम पुलिस स्टेशन में ग्राम प्रधान जानकीरमन और उनके साथी सेलवम के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराई.
पुलिस इंस्पेक्टर पेरूमल ने कहा है कि तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. सेलवम को मेजिस्ट्रेट के सामने पेश कर दिया गया है और उसे हिरासत में भेजा जा चुका है.
कुत्तों से परेशान

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इस तटीय गांव में ज़्यादातर मछुआरे हैं जो आवारा कुत्तों से परेशान थे. गाँव वाे कुत्तों को मारने का समर्थन कर रहे थे.
गांववालों का कहना है कि उन्होंने कई बार कुत्तों की समस्या की शिकायत की थी लेकिन जब उनकी बात सुनी नहीं गई तो उन सबने इस उपाय के बारे में सोचा.
गुरुवार को पुलिस स्टेशन पर जमा हुए 200 से 300 गांव वालों ने जानकीरामन के खिलाफ केस वापस लेने की मांग की.
वहीं ग्राम प्रधान जानकीरामन का कहना है कि कुत्तों को मारने का फ़ैसला गांववालों ने मिलकर लिया था.
इनके खिलाफ 25(ए) आर्म्स ऐक्ट, 429 आईपीसी और प्रिवेन्शन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स ऐक्ट 1960 के तहत मामला दर्ज किया गया है.
कुत्तों का पोस्टमॉर्टम

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वहीं मोहन का कहना है कि 15 से 20 कुत्तों को मारकर समुद्र में फेंक दिया गया.
पांच मरे कुत्तों को मद्रास वेटरिनरी कॉलेज ऐन्ड हॉस्पिटल में पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है.
आवारा कुत्तों की हत्याओं का पहला मामला पिछले साल सितंबर में विल्लुपुरम ज़िले के मरक्कनम इलाके में सामने आया था जब ब्लू क्रॉस ऑफ इंडिया के मुताबिक़ 20 कुत्तों को मारकर एक गड्ढे में दबा दिया गया था.
संस्था का दावा है कि तब क़रीब 400 कुत्तों को मारा गया था.
कारण

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ब्लू क्रॉस ऑफ इंडिया का कहना है कि चेन्नई में कूड़ेदानों में करीब 2,000 से 3,000 किलो खाना फेंका जाता है जिसकी वजह से आवारा कुत्तों, बिल्लियों, चूहों और अन्य जानवरों की संख्या बढ़ रही है.
अगर कूड़े का सही प्रबन्ध किया जाए तो इस समस्या से निपटा जा सकता है.
(स्थानीय पत्रकार केवी लक्ष्मण से बातचीत पर आधारित)
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