हर दिन दम तोड़ता एक पहाड़

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    • Author, आयुष देशपांडे
    • पदनाम, मुंबई से, बीबीसी हिन्दी डॉट कॉम के लिए

मुंबई के अँधेरी पश्चिम इलाक़े में 200 फीट ऊँचा "गिल्बर्ट हिल" हर दिन थोड़ा सा ढह रहा है.

पिघले लावा से बने इस पहाड़ की उम्र तक़रीबन 600 वर्ष है. लेकिन इन दिनों इस पहाड़ के चारों और तेज़ी से इमारतें बन रही हैं.

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भवन निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल के लिए भी इस पहाड़ को काटा जा रहा है. इससे इस पहाड़ का अस्तित्व ख़तरे में पड़ गया है.

साल 2007 में इसे राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया गया था.

परेशान निवासी

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पहाड़ की रोज़ कटाई से यहाँ के निवासी डरे रहते हैं.

सागर सोसाइटी की जामेला ने बताया, "पहाड़ को काटने के लिए मशीनों का और धमाकों का सहारा लिया जा रहा है, जिसकी वजह से हर दिन भूकंप की स्थिति बन जाती है. पहाड़ से गिरने वाले पत्थरों से किसी की भी मौत हो सकती है. 100 फीट की ऊंचाई से गिरने वाले पत्थर पार्किंग के लिए बने शेड को फाड़ते हुए नीचे गिरते हैं."

राजनीतिक खींचतान

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इस बारे में जब सरकारी नुमाइंदों से जवाब-तलब करने की बात आती है, तो सब पल्ला झाड़ते दिखते हैं.

भाजपा विधायक अमित साथम राज्य सरकार का बचाव करते हुए कहते हैं, "पिछली सरकार ने लापरवाही बरती है. हमने बिल्डरों और बीएमसी को यहाँ हो रहे निर्माण कार्य को तुरंत बंद करने के आदेश दे दिए हैं. "

'लोहे की बाउंड्री बनवा लें'

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आर्किटेक्ट पीके दास ने बीबीसी को बताया, "सरकार को तुरंत आस-पास हो रहे सभी निर्माण कार्य पर रोक लगा देनी चाहिए".

साथ ही निवासियों को सलाह देते हुए वो कहते हैं, ''अपनी सुरक्षा के लिए लोहे की बाउंड्री बनवा लें.''

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दरअसल, दास ने ये सलाह इसलिए दी, क्योंकि पहाड़ के काफ़ी करीब तक इमारत बनी हुई हैं.

पहाड़ पर एक मंदिर भी है. इस मंदिर के पुजारी शिंदे कहते हैं, ''यदि सरकार चाहे तो इस जगह को बहुत अच्छी तरह संवार सकती है. यहाँ आस-पास हो रहे निर्माण से इस स्थान की सुंदरता ख़राब हो रही है ".

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