भूकंप से भारत में 62 की मौत

भूकंप

इमेज स्रोत, AFP GETTY

नेपाल के साथ उत्तर भारत में महसूस किए गए भूकंप के तेज़ झटकों के असर से जानमाल के बड़े नुकसान की आशंका है.

सरकारी समाचार चैनल दूरदर्शन के मुताबिक भारत में भूकंप से 62 लोगों की मौत हुई है.

भारत नेपाल में फँसे अपने नागिरकों को निकालने के अभियान में भी जुटा है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप के मुताबिक अब तक 540 नागरिकों को भारत लाया जा चुका है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक 237 लोग घायल हुए हैं.

बिहार के आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार राज्य में सबसे ज़्यादा 32 लोगों की मौत हुई है.

पटना से नीरज सहाय के मुताबिक़ 133 लोग घायल भी हुए हैं. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसकी पुष्टि की है.

इसके अलावा उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में भी मौतें हुई हैं.

उन्होंने बताया कि प्रभावित राज्यों में एनडीआरएफ़ की पाँच टीमें भेजी गई हैं, जिसमें 45 सदस्य शामिल हैं.

भूकंप का केंद्र नेपाल था, लेकिन इसने उत्तर बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान के कई इलाकों को भी हिलाकर रख दिया.

प्रधानमंत्री नेपाल से लगे बिहार के सीमावर्ती जिलों में भूकंप से हुए नुकसान के बारे में रिपोर्ट ले चुके हैं.

बिजली बंद

मोदी और मंत्रिमंडल

इमेज स्रोत, EPA

इस बीच, उत्तर बिहार के कई हिस्सों में एहतियात के तौर पर बिजली बंद कर दी गई है.

केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने बताया, "सुरक्षा कारणों से उत्तरी बिहार में पावर कट कर दिया गया है." रूडी भूकंप आपदा प्रबंधन के प्रभारी हैं.

बिहार में राजधानी पटना समेत कई शहरों में भूकंप के बाद अफ़रा-तफऱी की स्थिति बन गई. लोग घरों से बाहर निकल आए. भोजपुर इलाके कई हिस्सों में भूकंप के असर से सड़कों में दरार आ गई.

राहत का ऐलान

इमेज स्रोत, AFP

उत्तर प्रदेश सरकार ने भी भूकंप पीड़ितों के लिए मदद का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा, "हमने फ़ैसला किया है कि मारे गए लोगों के आश्रितों को 2 लाख रुपए और घायलों को 20-20 हज़ार रुपए दिए जाएंगे."

उत्तराखंड की करीब 250 किलोमीटर की सीमा नेपाल से लगी हुई है. यहां भी भूकंप के झटके महसूस किए गए.

बीबीसी संवाददाता शिव जोशी के मुताबिक अभी तक उत्तराखंड से किसी नुकसान की खबर नहीं है.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें<link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>