दलितों के साथ खाएंगे राहुल नहीं भाजपाई!

- Author, अनिल यादव
- पदनाम, लेखक एवं पत्रकार, बीबीसी हिन्दी डॉटकॉम के लिए
भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में दलितों को मायावती के प्रभाव से बाहर लाने के लिए बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है.
पार्टी में ऊंची जाति के नेताओं को कहा गया है कि वे दलितों के घर जाकर खाना खाएं और दलितों को भी अपने घर बुलाएं.
हालांकि यह पहली बार नहीं है जब बड़ी पार्टियों के नेता दलितों को रिझाने के लिए उनके साथ भोजन करेंगे.
कांग्रेस महासचिव राहुल गाँधी दलितों के घर जाकर उनके साथ भोजन करते रहे हैं.
भाजपा को मूलतः सवर्णों और व्यापारियों की पार्टी माना जाता है, वहां दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के रस्मी संगठन तो हैं लेकिन कभी उनका समर्थन नहीं मिल पाया.

इमेज स्रोत, AFP GETTY
छवि बदलने की कोशिश
पिछले लोकसभा चुनाव में मायावती से ख़फ़ा दलितों के एक हिस्से का वोट मिलने और अब बसपा में बग़ावत के बाद भाजपा ने अपनी छवि बदलने का इरादा किया है.
लोकसभा चुनाव में बसपा यूपी की एक भी रिज़र्व सीट नहीं जीत पाई. इस बीच मायावती के कई क़रीबी नेता भाजपा में शामिल हो चुके हैं.

इमेज स्रोत, Reuters
अंबेडकर जयंती की पूर्वसंध्या पर 13 अप्रैल से शुरू हो रहे इस अभियान को “सामाजिक समरसता अभियान” नाम दिया गया है.
एक हफ़्ते तक चलने वाले इस कार्यक्रम के तहत भाजपा की ऊंची जातियों के नेता दलितों के घर जाकर उनके लिए अपना प्रेम प्रदर्शित करेंगे और जातिवाद के ख़िलाफ़ भाषण देंगे.
अंबेडकर पर सियासत
अंबेडकर जयंती पर बसपा भी लखनऊ में दलितों की हर विधानसभा क्षेत्र से दलितों को बुलाकर लखनऊ में जुटान कर रही है और बसपा छोड़ गए नेता भी समांतर कार्यक्रम कर रहे हैं.
यूपी भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष, गौतम चौधरी ने बताया, भाजपा नेता दलितों की बस्तियों, मजरों, शहरों में झुग्गी बस्तियों में जाकर सहभोज में उनके साथ बैठकर खाना खाएंगे. इसका मक़सद संदेश देना है कि समाज में कोई ऊंचा या नीचा नहीं है. अभियान के दौरान लखनऊ में भी सभी जातियों का एक बड़ा सहभोज आयोजित किया जाएगा.

इमेज स्रोत, EPA
बसपा प्रमुख मायावती का नाम लिए बगैर चौधरी ने कहा, अभियान अंबेडकर जयंती पर इसलिए शुरू किया जा रहा है क्योंकि कुछ नेता और पार्टियां दावा करते हैं कि अंबेडकर सिर्फ उनके हैं.
उन्होंने कहा, "हम बताना चाहते हैं कि अंबेडकर सबके थे, उन्होंने देश के सभी समुदायों की बेहतरी के लिए काम किया."
यह संयोग नहीं है कि इसी समय आरएसएस के आनुषांगिक संगठन विश्व हिंदू परिषद ने छूआछूत का विरोध करने के लिए हिंदू मित्र परिवार अभियान चला रखा है.

इमेज स्रोत, AFP GETTY
जातिगत भेदभाव
इसके तहत दूसरी जातियों के कार्यकर्ता दलितों के घर जाकर उनका हालचाल जान रहे हैं और उनके साथ खाना खा रहे हैं.
भाजपा के राज्य उपाध्यक्ष शिवप्रताप शुक्ला ने कहा, समाज में जातिगत भेदभाव है लेकिन अब स्थिति बदल रही है. इस अभियान के दलितों में संदेश जाएगा कि भाजपा समानता की पक्षधर है.
इस अभियान का खाका हाल ही में बंगलुरू में हुई भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में बना हैं.
यहाँ उत्तर प्रदेश से सांसद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था, "भाजपा कार्यकर्ता अगर गंगा के आसपास बसे दो-ढाई लाख गांवों में सामाजिक सरोकार के साथ घरों में पैठ बना लें तो फिर राजनीतिक मुद्दों की जरूरत नहीं रह जाएगी."
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>












