'निर्भया पर फ़िल्म नहीं दिखाई जाएगी'

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केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने 16 दिसंबर 2012 के दिल्ली गैंगरेप मामले पर बनाई गई डॉक्युमेंट्री फिल्म की आलोचना की है.
उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में भी इस डॉक्युमंट्री को नहीं दिखाया जाना चाहिए.
राजनाथ सिंह ने कहा कि एक बलात्कार का साक्षात्कार की इजजात कैसे दी गई ये एक चौंकाने वाली घटना है.
उन्होंने कहा, "मैं पूरे मामले की जांच करवाऊंगा. अगर साक्षात्कार करने की प्रक्रिया में संशोधन की आवश्यकता है तो वो भी किया जाएगा. इसमें ज़िम्मेदारी निर्धारित की जाएगी."
एक स्वतंत्र फिल्म निर्माता औऱ निर्देशक लेज्ली उडविन ने ये डॉक्युमेंट्री बनाई है जिसे बीबीसी 4 और भारत में एनडीटीवी पर आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर दिखाया जाना था.
जांच

फ़िल्म बनाने वालों ने गृह मंत्रालय से तिहाड़ जेल में बंद बलात्कार के दोषी का साक्षात्कार करने की अनुमति ली थी. गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में बताया कि ये अनुमति कुछ शर्तों के आधार पर दी गई थी. उन्होंने कहा कि जिन शर्तों के आधार पर अनुमति दी गई थी उन शर्तों का पालन नहीं किया गया.
उन्होंने कहा कि किन परिस्थितियों में ऐसी अनुमति दी गई थी उसकी पूरी जांच की जा रही है और इसके लिए जो भी ज़िम्मेदार होगा उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई होगी.
राजनाथ सिंह ने बताया कि उन्होंने सूचना और प्रसारण मंत्रालय से बात की है ताकि इस डॉक्युमेंट्री को देश के बाहर भी न दिखाया जाए.
संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने डॉक्यमेंट्री को भारत को बदनाम करने की षणयंत्र बताया.
एक अदालत ने मंगलवार रात एक आदेश में मीडिया से कहा था कि इस डॉक्युमेंट्री या उसके किसी हिस्से को न दिखाया जाए.
जया बच्चन के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी के नेताओं ने राज्य सभा से वॉकआऊट किया.
'रोक ग़लत'

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फ़िल्म गीतकार और सांसद जावेद अख़्तर ने कहा, "अच्छा हुआ है कि यह डॉक्युमेंट्री बनी है और इससे सच सामने आएगा. सरकार इस डॉक्युमेंट्री पर रोक लगाकर लोगों को सच जानने रोक रही है."
सांसद अनु आगा ने कहा, "डॉक्युमेंट्री पर रोक लगाने की कोशिश ग़लत है और इस पर रोक लगाना समस्या का हल नहीं है."
जबकि जया बच्चन ने इस मामले पर कार्रवाई में देरी को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए.
भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने डॉक्युमेंट्री को भारत की प्रतिष्ठा को आघात पहुंचाने की कोशिश बताया और कहा कि ऐसी डॉक्युमेंट्री को नहीं दिखाया जाना चाहिए.
गृहमंत्री के बयान के बाद राज्यसभा में हंगामा शुरू हो गया. सदन के सदस्य इस मुद्दे पर सरकार से सवाल करना चाह रहे थे.
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