जेटली के बजट पर क्या बोला उद्योग जगत?

इमेज स्रोत, Reuters
वित्त वर्ष 2015-2016 के बजट पर उद्योग जगत की मिली-जुली प्रतिक्रिया आई है. हालांकि ज़्यादातर उद्योगपतियों ने इसे उम्मीदों भरा बताया है.
डिलॉएट टश तोमात्शु इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के वरिष्ठ निर्देशक, कुमार कांदस्वामी का कहना है, "कई नई ढांचागत परियोजनाओं के शुरू होने की उम्मीद है जिससे भारी वाहनों की मांग बढ़ेगी. अधिक धन आने और बंदरगाहों के निगमीकरण से उस तरफ़ भी वाहनों की आवाजाही बढ़ेगी, साथ ही वाहनों की क्षमता बढ़ने की मांग भी उठेगी."
काले धन के मामले में सज़ा के प्रावधान का स्वागत करते हुए कांदस्वामी कहते हैं कि इससे बेनामी तरीक़े से भूमि एकत्र करने पर रोक लगेगी और उत्पादन क्षेत्र को ख़ास तौर पर बढ़ावा मिलेगा.
<bold>पढ़ें: <link type="page"><caption> जेटली के बजट की मुख्य बातें</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2015/02/150228_budget_bullet_points_pm" platform="highweb"/></link></bold>

विडियोकॉन के निदेशक अनिरुद्ध धूत कहते हैं कि एलईडी टीवी के पैनल में इस्तेमाल होने वाले ब्लैक लाइट यूनिट पर सीमा शुल्क को 10 प्रतिशत कम करने और कुछ अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की कीमतें कम करने का फ़ैसला सराहनीय है.

इमेज स्रोत, Twitter
पैनासोनिक भारत और दक्षिण एशिया के प्रबंध निदेशक मनीष शर्मा ने ट्विटर पर कहा कि इस बजट में हर किसी के लिए कुछ है. उनका कहना है कि बजट इंडस्ट्री के लिए बहुत उत्साहजनक है.

इमेज स्रोत, YouTube
कॉनफेडेरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री यानी सीआईआई में इंफ्रास्ट्रक्चर पर राष्ट्रीय समिति के अध्यक्ष जीवी संजय रेड्डी का कहना है कि बजट में ढांचागत विकास पर ख़ास ध्यान रहा है जो कि इस क्षेत्र के लिए सराहनीय कदम है.

केपीएमजी के रीयल इस्टेट और कंस्ट्रक्शन के पार्टनर और प्रमुख नीरज बंसल कहते हैं कि सेवा कर और उत्पाद शुल्क में मामूली वृद्धि से घर की कीमतें बढ़ने की उम्मीद है लेकिन धीरे-धीरे ब्याज दरों में कमी आने से इसका प्रभाव कम होगा. बंसल कहते हैं कि बजट में 100 स्मार्ट शहर और किफ़ायती घरों के विषय को कोई दिशा नहीं दी गई है.

राष्ट्रीय रीयल इस्टेट डेवेलपमेन्ट काउंसिल के चेयरमेन नवीन रहेजा का कहना है कि बजट में कंस्ट्रक्शन पर सेवा कर, उत्पाद कर, पेट्रोल डीज़ल के दाम और रेलवे बजट में सीमेंट की माल भाड़ा दरों में वृद्धि का सीधा असर घरों के दामों पर पड़ेगा.
थॉमस कुक इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक माधवन मेनन ने कहा है कि 'पर्यटन की तरफ सरकार के रवैये का हम स्वागत करते हैं. उनके मुताबिक 150 देशों के नागरिकों को आने पर वीज़ा देने की सुविधा से देश में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा.'
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>












