छात्रों के लिए नरेंद्र मोदी के 10 नुस्ख़े

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेडियो पर 'मन की बात' कार्यक्रम के तहत इस बार बच्चों को संबोधित किया. उन्होंने परीक्षा को विषय बनाया था.
1. दसवीं या बारहवीं की परीक्षा ही जीवन में सब कुछ नहीं है.
2. अच्छे नंबर लाने की कोशिश करें, पर इसके लिए तनाव न लें, किसी परीक्षा का नंबर ही पूरे जीवन का फ़ैसला नहीं कर सकता.
3. परीक्षाएं जीवन की क्षमता तय नहीं कर सकती. यह ख़ुद को जानने की कोशिश भर होनी चाहिए.

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4. परीक्षा दुनिया को दिखाने के लिए नहीं, ख़ुद को पहचानने की कोशिश करने के लिए है.
5. अभिभावक दूसरे बच्चों से अपने बच्चे की तुलना हमेशा करते हैं, वे इसे अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ कर देखते हैं. ऐसा करना ग़लत है.
6. अभिभावक अपनी महत्वाकांक्षा अपने बच्चों पर लाद देते हैं, वे ऐसा न करें.

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7. प्रतिस्पर्द्धा दूसरों से नहीं, अपने आप से होनी चाहिए, पोल्ट वॉल्ट चैंपियन सर्गेई बुबका ने अपना ही रिकॉर्ड 35 बार तोड़ा था.
8. जिंदगी में उतार चढ़ाव आते रहते हैं, ये नए अवसर भी देते हैं, इसलिए कम नंबर आने पर कभी भी तनाव में न आएं.
9. परीक्षा देने के बाद उसका हिसाब लगाने नहीं बैठना चाहिए, इससे अगला पेपर भी ख़राब हो सकता है.
10. साल में एक बार हफ़्ते भर का परीक्षा उत्सव मनाया जाए, इसमें परीक्षा पर तरह तरह के आयोजन हों ताकि परीक्षा का डर ही ख़त्म हो जाए.
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