यूपी: बसपा को खोखला कर रही है भाजपा

इमेज स्रोत, AFP GETTY
- Author, अतुल चंद्रा
- पदनाम, बीबीसी हिन्दी डॉटकॉम के लिए
उत्तर प्रदेश में अपना वर्चस्व बनाने के लिए भाजपा दलितों को एकजुट करने में लगी हुई है.
पार्टी ने 600 पदाधिकरियों को सिर्फ़ दलित बाहुल्य गांवों में सदस्यता अभियान के लिए नियुक्त किया है, तो कमज़ोर पड़ रही बहुजन समाज पार्टी भी इसके निशाने पर है.
पार्टी प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक कहते हैं कि दलित बाहुल्य गांवों में मोबाइल फ़ोन के ज़रिए सीधा संपर्क रखा जाएगा. बसपा के कैडर के पास भाजपा के अलावा और कोई विकल्प नहीं है.
विद्रोह

इमेज स्रोत, AFP GETTY
भाजपा की इसी योजना से प्रभावित 2015 की शुरुआत में ही बसपा के राज्यसभा सांसद जुगल किशोर ने पार्टी अध्यक्ष मायावती के विरुद्ध विद्रोह का झंडा उठा लिया.
मायावती के नज़दीकी माने जाने वाले जुगल किशोर ने उनके ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि "मायावती अपने जन्मदिन, कैलेंडर, किताबें और चुनाव में टिकट देने के लिए पैसे लेती हैं."
जुगल किशोर पहले व्यक्ति नहीं हैं जिन्होंने मायावती के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई है.
मोहम्मदी क्षेत्र से पार्टी के विधायक बाला प्रसाद अवस्थी का कहना है, "पार्टी का अंत निकट है. सिर्फ हमारी चमड़ी बची है, खून तो सारा पी लिया गया है."
उनके बेटे ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ले ली है.

इमेज स्रोत, Reuters
पिछले वर्ष नवंबर में पार्टी के वरिष्ठ नेता अखिलेश दास ने भी यह कह कर बसपा का दामन छोड़ दिया था कि मायावती पैसे लेकर टिकट का वितरण करती हैं.
अपने पलटवार में मायावती ने आरोप लगाया कि राज्यसभा के लिए दोबारा भेजने के लिए अखिलेश दास ने ख़ुद उनको 100 करोड़ रुपये देने की पेशकश की थी.
अखिलेश दास अब राष्ट्रीय शहरी विकास पार्टी के नाम से एक नई पार्टी बनाने की तैयारी में हैं.
उतार-चढ़ाव
लेकिन जुगल किशोर के खुले विद्रोह के बावजूद पार्टी ने उन्हें निष्कासित नहीं किया है.

इमेज स्रोत, PTI
बसपा के वरिष्ठ नेता स्वामी प्रसाद मौर्य इन मसलों को लेकर चिंतित नहीं हैं. उनका कहना है, "राजनीति में उतार-चढ़ाव की प्रक्रिया चलती रहती है."
जुगल किशोर के निष्कासन पर मौर्य ने कहा कि उनके ख़िलाफ़ पहले अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
मौर्य के मुताबिक़ जुगल किशोर बीजेपी में शामिल होने के फ़िराक में हैं. वह कहते हैं, "भाजपा में शामिल होने के बाद ये लोग बुरे दिन देखेंगे."
जवाब में जुगल किशोर ने कहा कि उनकी राज्य सभा की सदस्यता डेढ़ साल बाकी है और "अभी हम तो पार्टी नहीं छोड़ रहे हैं. हां, मौर्य जी खुद फ़रवरी में अपनी एक पार्टी बना कर भाजपा में विलय करने की योजना बना रहे हैं."
चुनौती

इमेज स्रोत, AFP GETTY
मौर्य की बातों में कुछ तो सत्यता है क्योंकि जुगल किशोर की पत्नी और लड़के ने भाजपा की सदस्यता ले ली है.
विजय बहादुर पाठक कहते हैं कि जुगल किशोर जैसे दलित नेता भाजपा के लिए आवश्यक हैं.
इसी बीच रोसड़ा से पार्टी के विधायक उमाशंकर सिंह की विधानसभा सदस्यता ख़त्म करने का चुनाव आयोग और लोकायुक्त की सिफ़ारिश आ गई है. इनके ऊपर आरोप था कि विधायक रहते हुए भी ठेकेदारी से पैसा कमा रहे थे.
बसपा कार्यकर्ताओं और नेताओं के एक दूसरे पर आरोपों-प्रत्यारोपों और भाजपा से बढ़ती उनकी नज़दीकियों से कहा जा सकता है कि बसपा अंदर ही अंदर कमज़ोर पड़ रही है और भाजपा उसमें अहम भूमिका निभा रही है.
ऐसे में लोकसभा चुनाव और दिल्ली विधानसभा चुनाव में एक भी सीट न जीतने के बाद 2017 मायावती के लिए बहुत बड़ी चुनौती लेकर आने वाला है.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>












