यूपीए सरकार दूसरों को परेशान करती थी :जेटली

जेटली ने लगाए यूपीए पर गंभीर आरोप

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वित्तमंत्री अरुण जेटली ने पूर्व यूपीए सरकार पर 'क्रोनी कैपिटलिज़्म' का आरोप लगाते हुए कहा कि पर्यवारण मंत्रालय परियोजनाओं को मंजूरी देने में तयशुदा नियम क़ानूनों का पालन नहीं करता था.

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस की पूर्व केंद्रीय मंत्री जयंती नटराजन ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को एक पत्र लिखा है जिसमें कहा गया है कि कई बार पार्टी से कई मसलों पर आग्रह आते थे जिन्हें जयंती आदेश समझकर उनका पालन करती थीं.

इसी संदर्भ में अरुण जेटली ने कहा कि अब ये साफ हो गया है कि यूपीए के दौरान सरकार के फैसले बिना किसी नियम कानून के लिए जाते थे.

पूर्व पर्यावरण मंत्री जयंती नटराजन के कांग्रेस छोड़े जाने की अटकलों पर जेटली ने कहा कि उन्हें इस बारे में कुछ नहीं मालूम.

जेटली का कहना था कि यूपीए के कार्यकाल में मंजूरी देने या न देने की वजह पर्यावरण की रक्षा करना नहीं होता था, न ही परियोजनाओं पर विचार किया जाता था.

यूपीए चलाती थी परपीड़क अर्थव्यवस्थाः जेटली

जयंति नटराजन की बग़ावत

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जेटली के मुताबिक़, सरकार चलाने वाली पार्टी के सबसे बड़े नेता कंपनी के मालिक को फ़ायदा पंहुचाने या उससे बदला लेने की मानसिकता से फ़ैसले लेते थे.

उनका कहना था कि कांग्रेस पार्टी के आदेशों का संबंधित मंत्रीगण पालन करते थे और यह एक तरह की 'सैडिस्टिक इकॉनमी' या 'परपड़ीक अर्थव्यवस्था' थी. जिससे देश को भारी नुक़सान पंहुचा है.

वित्तमंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार क़ानून के मुताबिक़ ही काम करेगी और किसी तरह का भेदभाव नहीं बरता जाएगा.

पर्यावरण मंत्रालय हर परियोजना के गुण-दोष पर एक बार फिर विचार कर फ़ैसले लेगा. यह काम मंत्रायल को तेज़ी से करना होगा क्योंकि बहुत परियोजनाएं लटकी हुई हैं.

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