ग्रीनपीस के विदेशी फंड से पाबंदी हटी

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दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को पर्यावरण संस्था ग्रीनपीस के विदेशी कोष के इस्तेमाल पर लगाई गई पाबंदी हटाने का निर्देश दिया है.
पिछले साल जून में भारत सरकार ने ग्रीनपीस समेत कुछ अन्य गैर सरकारी संस्थाओं के विदेशी कोष पर रोक लगा दी थी.
ग्रीनपीस इंडिया के कार्यकारी निदेशक समित आएच ने कहा, "यह हमारे काम और भारत के विकास में प्रतिष्ठित गैर सरकारी संस्थाओं द्वारा निभाई गई भूमिका का प्रमाण है."

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उन्होंने कहा, "अदालत ने सरकार की कार्रवाई को ग़ैरक़ानूनी माना और भारत में ग्रीनपीस जिन मुद्दों पर काम कर रहा है, उनकी वैधानिकता को सही ठहराया है."
'ख़ुफ़िया रिपोर्ट'
ग्रीनपीस के अनुसार, हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि विदेशी धन को एफसीआरए खाते में डाला जाएगा और ग्रीनपीस को इसे इस्तेमाल की इजाज़त होगी.
आदालत ने भारत सरकार को निर्देश दिया कि ग्रीनपीस इंडिया को विदेश से भेजे गए क़रीब तीन लाख डॉलर (क़रीब 18.5 करोड़ रुपए) पर लगाई गई पाबंदी हटा ली जाए.

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सरकारी ने एक ख़ुफ़िया रिपोर्ट के बाद आदेश जारी किया था कि विदेश धन पाने से पहले संस्थाओं को गृह मंत्रालय से मंजूरी लेनी होगी.
ख़ुफ़िया रिपोर्ट में आशंका जताई गई थी कि ये संस्थाएं विदेशी धन पाने के मामले में भारतीय क़ानूनों का उल्लंघन कर रही हैं और माहौल बना रही हैं, जिससे विकास की कई परियोजनाएं बाधित हो रही हैं.
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