2015: भारत में मोबाइल के 5 ट्रेंड

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- Author, शालू यादव
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, दिल्ली
2014 में एसोचैम और डिलोइट के एक अध्ययन में पाया गया कि भारत में 2012 में लगभग दो अरब मोबाइल ऐप डाउनलोड किए गए और 2015 तक भारतीय मोबाइल उपभोक्ता नौ अरब मोबाइल ऐप डाउनलोड करेंगें.
भारत में 2014 को स्मार्टफ़ोन रेवॉल्यूशन का साल कहा जाता है. लेकिन मोबाइल ऐप डाउनलोडिंग के आंकड़ें देख कर ये कहना लाज़मी है कि साल 2015 को भारत में ऐप रेवॉल्यूशन का साल कहा जाएगा.
तकनीक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले साल में स्मार्टफ़ोन और भी सस्ते हो जाएंगें और साथ ही मोबाइल इंटरनेट सेवा में भी सुधार होगा.
तो इस मोबाइल क्रांति में क्या बदलेगा भारतीय मोबाइल की दुनिया में? आइए जानते हैं.

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1.मोबाइल बनाम कंप्यूटर: 2015 में इंटरनेट का इस्तेमाल करने के लिए लोग कंप्यूटर के बजाय अपने मोबाइल का इस्तेमाल ज़्यादा करेंगें.
चूंकि अब ई-मेल, बैंकिंग और ऑनलाइन शॉपिंग जैसी सुविधाएं स्मार्टफ़ोन पर ही ऐप के ज़रिए उपलब्ध हैं, तो उपभोक्ता अपनी निजी व व्यवसायिक ज़रूरतों को पूरा करने के लिए अपने मोबाइल को ही मुख्य स्त्रोत बना रहे हैं. इसका असर कंप्यूटरों की बिक्री पर पड़ेगा ही क्योंकि उस पर निर्भरता धीरे-धीरे कम होती जा रही है.
2.मोबाइल बनाम टेलीविज़न: हाल ही में बोर्नविटा क्विज़ कॉन्टेस्ट का डिजिटल अवतार लॉन्च किया गया जो कि यू-ट्यूब पर उपलब्ध होने के साथ-साथ मोबाइल ऐप पर भी उपलब्ध होगा.

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इस डिजिटल अवतार में देखने वाले लोग क्विज़ में हिस्सा भी ले पाएंगे. इसी तरह कई टीवी चैनल अब अपनी ऐप लॉन्च कर रहे हैं ताकि लोग कहीं भी, कभी भी अपने पसंदीदा कार्यक्रम डाउनलोड कर देख सकें. 2015 में ये चलन और ज़ोर पकड़ेगा जिससे कि केबल, डिश टीवी औऱ टेलीविज़न उद्योग को नुकसान झेलना पड़ सकता है.
3.सेल्फ़ी ट्रेंड: 2014 में भारत के साथ-साथ पूरे विश्व भर में सेल्फ़ी का दीवानापन छाया रहा.
सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर आम आदमी तो क्या, बड़ी-बड़ी हस्तियों ने भी लाखों सेल्फ़ियां पोस्ट कीं. इस ट्रेंड की नब्ज़ पकड़ पश्चिमी देशों में कई ऐसे ऐप लॉन्च किए गए जो बेहतरीन सेल्फ़ी लेने में मोबाइल उपभोक्ता की मदद करती हैं. 2015 में भारत में इन ऐप्लिकेशन्स की लोकप्रियता बढ़ेगी और भारत में 25 साल से कम उम्र के लोगों की जनसंख्या क़रीब 50 प्रतिशत है तो ये ट्रेंड ज़रूर एक दिलचस्प मोड़ लेगा.

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4.मोबाइल बनाम डिजिटल कैमरा: 2015 में मोबाइल पर आने वाले बेहतरीन कैमरा ऐपलिकेशन्स से डिजिटल कैमरों को भी बड़ा ख़तरा हो सकता है. क्योंकि लोगों लगने लगा है कि बेहतनीन तस्वीरें लेने के लिए ज़रूरी नहीं कि आपके पास डिजिटल कैमरी ही हो.

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इसलिए मोबाइल का दबदबा बाज़ार में और भी बढ़ेगा. कम दाम वाले मोबाइल भी अब अच्छे रेज़ॉल्यूशन का कैमरा मुहैया करवाने लगे हैं, जिसकी वजह से लोगों को कैमरा ख़रीदने की ज़रूरत कम लगने लगी है.
5.मोबाइल शॉपिंग: हालांकि भारतीय उपभोक्ता इंटरनेट पर अपने क्रेडिट या डेबिट कार्ड की जानकारी देने से कतराते हैं, लेकिन डिस्काउंट किसको पसंद नहीं. 2015 में लोग शायद शॉपिंग ऐप पर दी जाने वाली डिस्काउंट डील को देख कर नर्म पड़ जाएं और मोबाइल पर शॉपिंग करने का चलन भी बढ़ जाए. 2014 में भारत में ऑनलाइन शॉपिंग में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई लेकिन मोबाइल ऐप के ज़रिए ज़्यादा शॉपिंग नहीं की गई. लेकिन इस साल मोबाइल शॉपिंग बढ़ेगी.
(मोबाइल तकनीक विशेषज्ञ निमीश दुबे से बातचीत पर आधारित)
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