संसद में 'धर्मांतरण' पर घमासान

लोकसभा

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धर्मांतरण के मुद्दे पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान का सीधा असर संसद में दिखाई दिया और सोमवार को दोनों सदन इससे बाधित रहे.

समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव समेत लगभग सभी विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मोहन भागवत के बयान पर जवाब माँगा.

वहीं सरकार की ओर से वित्त मंत्री अरुण जेटली ने साफ़ किया कि हालांकि मुद्दे पर चर्चा हो चुकी है लेकिन अगर विपक्ष की मांग है तो आगे भी चर्चा की जा सकती है.

'आपत्तिजनक'

हाल ही में मोहन भागवत ने एक भाषण के दौरान धर्मांतरण के मुद्दे पर कहा था, "लोग लालच और ज़बरदस्ती से हमसे लूट लिए गए थे. चोर पकड़ा गया, उसके पास मेरा माल है. दुनिया जानती है वो मेरा माल है, मैं मेरा माल वापस लेता हूँ इसमें कौन सी बड़ी बात है".

बहुजन समाज पार्टी नेता मायावती ने संसद से निकलते ही कहा, "मोहन भागवत का बयान आपत्तिजनक है हम इसकी निंदा करते हैं".

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत

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वही वाम दलों के नेताओं ने संसद के दोनों सदनों में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार को इस मामले से कतराने का दोषी बताया.

सीपीएम नेता सीताराम येचुरी ने कहा, "मोहन भागवत और विश्व हिन्दू परिषद के नेताओं की ओर से इस तरह की बातें जज़्बात के आधार पर नहीं बल्कि सुनियोजित तरीके से कही जा रही हैं."

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