एलएन मिश्रा हत्याकांड: दोषियों को आजीवन क़ैद

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दिल्ली एक अदालत ने 1975 में भारत के तत्कालीन रेल मंत्री ललित नारायण मिश्रा की हत्या के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई है.
क़रीब चालीस साल पहले हुई इस हत्या के मामले में पिछले दिनों अदालत ने सभी अभियुक्तों को हत्या का दोषी माना था.
अदालत ने ललित नारायण मिश्रा और धमाके में मारे गए दो अन्य लोगों के क़ानूनी वारिसों को पाँच-पाँच लाख रुपए का मुआवज़ा भी देने की घोषणा की है.
200 से अधिक गवाहियां
दो जनवरी, 1975 को तत्कालीन रेल मंत्री ललित नारायण मिश्र पर बिहार में तब बमों से हमला हुआ था जब वे समस्तीपुर जिले में ब्रॉड गेज रेलवे लाइन का उद्घाटन करने गए थे.

हमले के अगले दिन उनकी इलाज के दौरान पटना में मौत हो गई थी.
घटना के बाद 24 जनवरी 1975 को आरोप पत्र दाखिल हुआ था. चार साल तक बिहार में ही मामले की सुनवाई चली. इस दौरान मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई.
फिर अभियुक्तों की निष्पक्ष जांच की मांग पर 17 दिसंबर 1979 को सुप्रीम कोर्ट ने मामले को दिल्ली स्थानांतरित कर दिया.
इस दौरान 22 से अधिक जजों ने मामले की सुनवाई की और मामले में 200 से अधिक गवाहियां हुईं.
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