'मुंबई हमलों से सरकार ने कुछ नहीं सीखा'

मुंबई 2611 हमला, ताज होटल

इमेज स्रोत, AFP

    • Author, अश्विन अघोर
    • पदनाम, मुंबई से, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए

मुंबई उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र सरकार को फटकार लगाई है कि उसने छह साल पहले मुंबई पर हुए हमले से कोई सीख नहीं ली है.

मुंबई उच्च न्यायालय में पुणे निवासी अश्विनी राणे की दायर जनहित यचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा है कि पुलिस बल में किसी प्रकार का सुधार लाने की कोशिशें नज़र नहीं आई हैं.

याचिका इस मुद्दे पर दायर की गई है कि मुंबई हमलों के बाद सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने जो घोषणाएँ की थीं वो वहाँ तक पूरी हुई हैं.

अदालत ने महाराष्ट्र सरकार को आदेश दिया है कि मुंबई पुलिस के हथियारों का हर तीन साल में ऑडिट किया जाए और डाआईजी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में इस मकसद के लिए एक कमेटी गठित की जाए.

फ़िलहाल ये 2010 से नहीं हुआ है.

'उपयुक्त हथियार न थे'

मुंबई 2611 हमला

इमेज स्रोत, AFP

सुनवाई के दौरान न्यायाधीश विद्यासागर कानडे और न्यायाधीश अनुजा प्रभुदेसाई ने यह भी कहा कि 2008 के हमले में मुंबई पुलिस के आला अफसरों की मौत इसलिए हुई क्योंकि उनके पास उपयुक्त हथियार नहीं थे.

नवंबर 2008 में तीन दिन तक चले हमले में 160 से अधिक लोग मारे गए और अनेक घायल हुए थे.

कोर्ट ने आतंकवाद विरोधी दस्ते में तैनात पुलिसकर्मियों, अधिकारियों की ज़रूरतों का विशेष रूप से ध्यान रखने को भी कहा गया.

मुंबई 2611 हमला, पुलिसकर्मी

याचिकाकर्ता के वकील अनिल अंतुरकर ने न्यायालय को बताया कि महाराष्ट्र सरकार के नीतिगत फैसले के अनुसार पुलिस कर्मियों को हर महीने महज़ 250 रुपये महंगाई भत्ता दिया जाता है.

उनका कहना था कि यह 8 रुपए प्रतिदिन बनता है और इतने पैसों में तो पुलिसकर्मी एक वड़ा पाव भी नहीं खा सकते हैं.

मुंबई पुलिस, हमला स्थलहमला

इमेज स्रोत, AFP

इस पर न्यायालय ने कहा कि सरकार पुलिसकर्मियों को दिए जाने वाले आर्थिक भत्तों का उचित ध्यान रखे नहीं तो उनसे अच्छे काम की उम्मीद करना गलत होगा.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक करें</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi " platform="highweb"/></link>. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi " platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi " platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>