भारत-ऑस्ट्रेलिया में परमाणु संधि हुई

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भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री टोनी एबट ने शुक्रवार को असैन्य परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं.
इस संधि के बाद ऑस्ट्रेलिया भारत को यूरेनियम स्पलाई कर सकेगा जिसकी भारत को बहुत ही ज़रूरत है.
टोनी ऐबट इन दिनों भारत की यात्रा पर हैं.
भारत रवाना होने के पहले टोनी ऐबट ने ऑस्ट्रेलियाई संसद में कहा था, "मुझे भारत के साथ एक परमाणु सहयोग समझौते की उम्मीद है जिसके बाद ऑस्ट्रेलिया भारत को यूरेनियम बेच सकेगा."
प्रतिबंध दो साल पहले ख़त्म
हालांकि कुछ दिन पहले ही यूक्रेन संकट में रूसी भूमिका के चलते ऑस्ट्रेलिया ने रूस को निर्यात किए जाने वाले यूरेनियम पर प्रतिबंध लगा दिया था.
लेकिन जानकारों के अनुसार भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच यूरेनियम संधि रूपरेखा पर दो वर्ष से काम जारी है.
ऑस्ट्रेलिया के पास विश्व का लगभग 40 प्रतिशत यूरेनियम भंङार है और उसने भारत के ऊपर लंबे समय से लगे यूरेनियम निर्यात प्रतिबंध को 2012 में ख़त्म कर दिया था.
बिजली की कमी झेलने वाले भारत की पिछली और वर्तमान सरकार ये मानती है कि ये परमाणु ऊर्जा से पूरी हो सकती है और इसके लिए भारत को यूरेनियम की सख़्त ज़रूरत है.
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