मृत्युदंड की याचिका खुली अदालत में सुनेंगे

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मृत्युदंड के मामलों में दायर पुनर्विचार याचिकाओं की सुनवाई अब से खुली अदालत में की जाएगी. अभी तक इन याचिकाओं की सुनवाई न्यायाधीशों के चेंबर में हुआ करती थी.

इस संबंध में याचिका दायर करने वाले वकील गोपाल शंकरनारायणन ने बीबीसी को बताया कि इन मामलों में याचिकाकर्ताओं को खुली अदालत में अपना पक्ष रखने के लिए आधे घंटे का समय भी दिया जाएगा.

मुख्य न्यायाधीश आरएम लोढा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने ये भी कहा है कि पुनरीक्षण याचिकाओं की सुनवाई शीर्ष अदालत की कम से कम तीन सदस्यीय खंडपीठ ही करेगी.

गोपाल शंकरनारायणन के मुताबिक संविधान पीठ ने कहा कि जिन पुनरीक्षण याचिकाओं का निपटारा पहले किया जा चुका है या इन्हें खारिज किया जा चुका है, लेकिन उन्हें फांसी की सजा नहीं दी जा सकी है, वे खुली अदालत में फिर से सुनवाई के लिए याचिका दायर कर सकते हैं.

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