केरल: हर 'बार' में नहीं मिलेगी शराब

इमेज स्रोत, AFP
- Author, इमरान क़ुरैशी
- पदनाम, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
केरल में राज्य सरकार ने 12 सितंबर से होटलों में मौजूद 312 बारों को बंद करने का फ़ैसला किया है.
इस फ़ैसले के बाद राज्य में शराब या तो पांच सितारा होटलों या फिर राज्य के बेवरेजेस कॉरपोरेशन की दुकानों पर मिलेगी.
लेकिन राज्य में वाइन और बीयर बेचने वाली दुकानों पर कोई प्रतिबंध नहीं है क्योंकि वाइन और बीयर में अल्कोहल की कम मात्रा होती है.
केरल के आबकारी मंत्री के बाबू ने बीबीसी हिंदी को बताया, " हम रेस्तरां से जुड़ी सभी बार बंद कर रहे हैं. 28 अगस्त से 312 रेस्तरां से जुड़ी बार को नोटिस जारी किया जाएगा. 12 सितंबर तक सभी को बंद कर दिया जाएगा."
पिछले दिनों केरल सरकार ने घोषणा की थी कि वो राज्य में अगले दस साल में शराब को पूरी तरह प्रतिबंधित करना चाहती है.
लाइसेंस नहीं बढ़ा
मंगलवार को एक आधिकारिक बैठक के बाद राज्य के आबकारी मंत्री के बाबू ने पत्रकारों को बताया, “इस नीति के तहत होटलों से जुड़े 312 बारों को ज़रूरी नोटिस जारी कर दिया जाएगा. उन्हें बार बंद करने के लिए 15 दिन यानी 12 सितंबर तक का समय दिया जाएगा.”
इसके अलावा होटलों में मौजूद उन 418 बारों को भी नोटिस दिया जाएगा जिनके लाइसेंसों का इस साल नवीनीकरण नहीं हुआ है.
राज्य सरकार इस मामले पर पहले फ़ैसला नहीं ले पाई थी क्योंकि उस वक़्त आम चुनाव की वजह से आचार संहिता लागू थी.
इस नीति में होटलों में मौजूद बार के लाइसेंसों को बीयर और वाइन पार्लरों के लाइसेंसों में तब्दील करने के बारे में कोई प्रस्ताव नहीं था.
लेकिन उन्हें बीयर और वाइन पार्लर के लाइसेंस के लिए फिर से आवेदन करने की छूट थी. हालांकि लाइसेंस की फ़ीस चार लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपए कर दी गई है.
के बाबू ने कहा कि सरकार बीयर और वाइन की अनुमति इसलिए दे रही है क्योंकि इनमें एल्कोहल की मात्रा लोगों की सेहत पर असर नहीं डालती है.
बुधवार को राज्य की कैबिनेट मंगलवार को लिए फ़ैसलों पर अपनी मुहर लगाएगी.
राज्य के आबकारी मंत्री के बाबू ने कहा कि दो अक्तूबर को सरकारी कॉरपोरेशन द्वारा चलाए जा रही दुकानों में से 39 को बंद कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि दस साल के भीतर राज्य में शराब की कोई दुकान नहीं होगी.
सरकारी क़दमों से नौ हज़ार करोड़ के राजस्व का घाटा होगा, तो सरकार इसकी भरपाई कैसे करेगी. इसपर के बाबू कहते हैं, " हम नौ हज़ार करोड़ का राजस्व कमाने के सारे रास्ते बंद नहीं कर रहे. इसके लिए हम कोई न कोई रास्ता निकालेंगे. "
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