वीज़ा ही वीज़ा, पहले आएँ तो

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- Author, शिल्पा कन्नन
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़, दिल्ली
भारत सरकार देश में और अधिक विदेशी सैलानियों को आकर्षित करने के लिए 'वीज़ा ऑन अराइवल' सुविधा का दायरा बढ़ाने की योजना बना रही है.
फिलहाल 'वीज़ा ऑन अराइवल' की सुविधा सिर्फ़ 11 देशों के लिए ही है.

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पिछले साल पूरे भारत में विदेशी सैलानियों की संख्या महज 69.7 लाख रही जबकि विदेशी पर्यटक लंदन जैसे शहरों में दोगुनी से अधिक संख्या में जाते हैं.
घटता आकर्षण
लगभग डेढ़ साल पहले हुए दिल्ली सामूहिक बलात्कार कांड के बाद से पर्यटकों के मन में असुरक्षा की भावना गहरी हुई है.

दिल्ली के पुरातत्व विभाग के अधीक्षक, वसंत कुमार स्वर्णकार कहते हैं, "हमने स्मारकों के चारों ओर पहले से अधिक सुरक्षा कर्मचारी लगाए हैं. विश्व विरासत स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं."

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लेकिन ऐसा भी नहीं है कि सभी विदेशी सैलानियों में दिल्ली या भारत में सुरक्षा को लेकर घबराहट हो, जर्मनी की कॉर्लिनिया लॉकर चौथी बार भारत आई हैं और वो भी अकेले.
वो कहती हैं, "बस कुछ बातों का ध्यान रखती हूं जैसे अंधेरे इलाकों में जाने से बचती हूँ, साथ ही ये भी ख़्याल रखती हूं कि कपड़े ठीक से पहने जाएँ."

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सिर्फ़ वीज़ा और सुरक्षा ही नहीं, समस्याएँ और भी हैं, ट्रिप एडवाइज़र इंडिया के कंट्री मैनेजर निखिल गंजू कहते हैं, "बुनियादी सुविधाओं की कमी है. क्वालिटी होटलों की कमी है. और सबसे बड़ी बात, भारत के लिए वीज़ा हासिल करना आसान नहीं है."
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