न्यायपालिका को बदनाम न करें: मुख्य न्यायधीश

सुप्रमी कोर्ट

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भारत के मुख्य न्यायधीश आरएम लोढ़ा ने कहा है कि ऐसा लगता है कि न्यायपालिका को बदनाम करने का अभियान चलाया जा रहा है जिसे फ़ौरन रोका जाना चाहिए क्योंकि इससे लोकतंत्र को भारी क्षति पहुंचेगी.

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समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, जस्टिस आरएम लोढ़ा के नेतृत्व वाली पीठ ने सोमवार को कहा, ''न्यायपालिका को बदनाम करने के लिए भ्रमित करने वाला अभियान चलाया जा रहा है और ग़लत सूचनाएं फैलाने की लगातार कोशिशें हो रही हैं.''

अदालत ने यह टिप्पणी एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान की जिसमें ये कहा गया था कि कर्नाटक हाई कोर्ट के जज जस्टिस केएल मंजुनाथ को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य जज के रूप में प्रस्तावित करने के कोलेजियम के निर्णय को बाध्यकारी न बनाया जाए.

प्रधान न्यायाधीश जस्टिस आरएम लोढ़ा

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महत्वपूर्ण है कि रविवार को सेवानिवृत्त जज मार्कंडेय काटजू ने अपने ब्लॉग में इलाहाबाद हाई कोर्ट में आपत्तिजनक छवि वाले एक जज के प्रमोशन के बारे में आरोप लगाए थे.

न्यायपालिका में सुधारों के बारे में क़ानून मंत्री रविशकंर प्रसाद ने लोकसभा में कहा है कि इन सुधारों पर बहस होनी चाहिए और भारत सरकार मूलभूत ढांचे के विकास के बारे में प्रतिबद्ध है पर ज़रूरत एकजुट होकर काम करने की है.

सरकार ने लोकसभा में सोमवार को कोलेजियम व्यवस्था को ख़त्म करने के लिए न्यायिक नियुक्ति आयोग बिल पेश किया है.

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