चीनी ड्रैगन को जगह देंगे अपनी जेब में?

इमेज स्रोत, XIAOMI
- Author, तुषार बनर्जी
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
चीनी कंपनी शाओमी ने अपने पहले ही फ़ोन मी-3 से भारतीय स्मार्टफ़ोन बाज़ार में हलचल पैदा कर दी है.
फ़्लिपकार्ट पर इसकी बुकिंग शुरू हो चुकी है और 22 जुलाई से ये लोगों को भेजा जाने लगेगा.
‘चीन का ऐपल’ नाम से पहचाने जाने वाली इस कंपनी को गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और मोटोरोला में काम कर चुके इंजीनियरों ने शुरू किया है.
शाओमी चार साल पुरानी कंपनी है लेकिन भारत में ये बिल्कुल नई है इसलिए उसे पूरा ढांचा शुरू से खड़ा करना पड़ रहा है.
कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट ह्यूगो बैरा ने बीबीसी हिन्दी को बताया कि वो क्वालिटी के दम पर शाओमी को पहचान दिलाना चाहते हैं.
वो कहते हैं, “हमारा उद्देश्य है लोगों तक बेहतरीन उत्पाद और सर्विस पहुंचाना. जब लोग फ़ोन ख़रीदें, उसका डब्बा खोलें, उसे ऑन करें और फ़ाइनली इस्तेमाल करें तो उनके चेहरे पर मुस्कान आ जाए, यही हमारी इच्छा है.”

शाओमी में आने से पहले ह्यूगो गूगल में एंड्रॉएड के वाइस प्रेसिडेंट थे.
क्या वाकई 'नेक्सस किलर' है शाओमी-3?
स्नैपड्रैगन क्वाडकोर प्रोसेसर और दो जीबी रैम से लैस मी-3 में काफ़ी शक्तिशाली हार्डवेयर लगाए गए हैं.
कंपनी का दावा है कि मी3 बाज़ार में उपलब्ध किसी भी फ़ोन से 30 फ़ीसदी तेज़ चलता है.
13,999 रुपए की क़ीमत में ये नेक्सस-5 से कई मामलों में आगे दिखता है, हालांकि इसमें 4जी सुविधा नहीं है.
साथ ही नेक्सस के साथ गूगल का नाम होने की वजह से उसे फ़ायदा हुआ था.
लेकिन शाओमी को भारत में ऐसा कोई लाभ मिलता नहीं दिख रहा और ज़्यादातर लोग इसे एक नए चीनी ब्रांड की तरह ही देख रहे हैं.
फ़्लिपकार्ट पर क्यों, दुकानों पर क्यों नहीं?

इमेज स्रोत, AP
क्या सिर्फ़ ऑनलाइन शॉपिंग के ज़रिए ये ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंच पाएगा? ये एक सवाल बना हुआ है.
हालांकि फ्लिपकार्ट के सीईओ सचिन बंसल को कोई शक नहीं है कि लोग इस फ़ोन को उनकी वेबसाइट से हाथों-हाथ लेंगे.
बीबीसी हिन्दी से विशेष बातचीत में उन्होंने कहा, “भारत में ई-कॉमर्स का बाज़ार तेज़ी से फल-फूल रहा है...लोग ऑनलाइन सामान ख़रीदना पसंद कर रहे हैं...चीज़ें पहली बार वेबसाइटों पर लॉन्च की जा रही हैं...मुझे लगता है कि ये ट्रेंड बना रहेगा.”
इस फ़ोन का सबसे कमज़ोर पक्ष इसकी आफ़्टर सेल सर्विस दिखती है. कंपनी ने फिलहाल सिर्फ़ 20 शहरों में अपने सर्विस सेंटर खोले हैं, लेकिन भारत में ये नाकाफ़ी साबित हो सकते हैं.
ह्यूगो बैरा का दावा है कि आने वाले समय में शाओमी भारत में और सर्विस सेंटर खोलेगी.
मी-3 की खूबियां

इमेज स्रोत, AP
- शाओमी मी-3 में है स्नैपड्रैगन क्वाडकोर प्रोसेसर और दो जीबी का रैम – जो इसे एक बेहद तेज़ डिवाइस बनाता है.
- इसमें 13 मेगापिक्सल का कैमरा है, जिसमें सोनी के सेंसर लगे हैं. ये हाई डेफ़िनिशन वीडियो ले सकता है. फ्रंट कैमरा दो मेगापिक्सल का है.
- फोन का डिसप्ले पांच इंच का है जो पूरी तरह से एचडी है
- इसमें 3050 एमएएच की बैटरी लगी है. कंपनी का दावा है कि ये बैटरी 21 घंटे तक चल सकती है.
- मी-3 एंड्रॉएड 4.4 किटकैट पर कस्टम यूज़र इंटरफ़ेस के साथ चलता है, जो काफ़ी ख़ूबसूरत दिखता है.
- सबसे ख़ास बात है इसकी क़ीमत, 13,999 रुपए. इससे मिलते-जुलते फ़ीचर वाले फ़ोन इससे तीन गुना तक महंगे हैं.
मी-3 की कमियां
- बिक्री सिर्फ़ फ़्लिपकार्ट तक सीमित
- केवल 20 शहरों में सर्विस सेंटर
- चीन में इसी समय मी-4 लॉन्च किया जा रहा है, जबकि भारत में इससे पुराना वर्ज़न लॉन्च किया गया है. <image id="d5e491"/>
मी-3 के बारे में 'टेक ब्लॉगर्स' की राय
निमीश दुबे, एडिटर - ‘माय मोबाइल’: कागज़ों पर इसका हार्डवेयर ठीक लग रहा है. इसका एंड्रॉयड भी ठीक लग रहा है. यूज़र इंटरफेस पर शाओमी और गूगल के लोगों ने काफ़ी काम किया है परफॉर्मेंस और हार्डवेयर के आधार पर यह डिवाइस ठीक होनी चाहिए.
दाम इसका शानदार है. लेकिन यह ऐसा देश हैं, जहाँ लोग चीजों को ठोक-बजा कर देखना चाहते हैं, वो मौक़ा लोगों को यहां नहीं मिलेगा क्योंकि यह दुकानों पर नहीं बिकेगा.
अभिजीत मुखर्जी, एडिटर - ‘गाइडिंग टेक’: जिस क़ीमत पर ये इसे बेच रहे हैं, उसे देखते हुए इसका हार्डवेयर काफी बढ़िया है.
इसका जो सॉफ़्टवेयर है, एमआईयूआई, वह एंड्रॉयड की दुनिया में काफी चर्चित है. इसके थीम काफ़ी मशहूर हैं.
कई दूसरे एंड्रॉयड फ़ोन पर भी लोग इसे इंस्टॉल करते हैं. ऐसे में सॉफ़्टेवयर के लिहाज़ से इन्हें काफ़ी फ़ायदा है.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक करें</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link>. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>












