'वैदिक से मुलाक़ात' पर क्या बोले हाफ़िज़

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जमात उद दावा के प्रमुख हाफ़िज़ सईद और भारतीय पत्रकार वेद प्रताप वैदिक की मुलाक़ात ने भारतीय सियासत को गर्मा दिया है.
इस विवाद पर हाफ़िज़ ने ट्विटर पर लिखा है, "तथाकथित धर्मनिरपेक्षता की दुहाई देने वाला भारत अपने एक पत्रकार के साथ हुई मेरी अनौपचारिक मुलाक़ात पर हायतौबा कर रहा है, यह भारतीयों की संकीर्ण मानसिकता का उदाहरण है."
इस मुलाक़ात पर भारतीय संसद के अंदर भी कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के बीच बहस देखने को मिली है, इसे हाफ़िज़ ने शर्मनाक बताया है. हाफ़िज़ ने ट्वीट करते हुए कहा है, "यह बताता है कि भारतीय सांसद किस तरह अतिवाद के शिकार हैं और उनकी सोच कितनी संकीर्ण है."
हाफ़िज़ सईद ने भारतीय पत्रकार वेद प्रताप वैदिक से हुई मुलाक़ात में कहा है कि अगर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पाकिस्तान की यात्रा करते हैं तो उनका संगठन कोई विरोध नहीं करेगा.
अदालत का सम्मान?
हाफ़िज़ ने वैदिक के साथ मुलाक़ात के बारे में कहा है, "वैदिक ने पूछा कि क्या हम मोदी की पाकिस्तान यात्रा का विरोध करेंगे तो मेरा जवाब था कि हम इस तरह के विरोध और राजनीति में भागीदारी नहीं करते हैं."
हाफ़िज़ ने ये भी कहा है कि वे उनसे मुलाक़ात की इच्छा रखने वाले हर किसी से खुले दिल से मिलते हैं. चाहे वो कहीं का हो, उसकी मान्यता और धर्म कुछ भी हो.

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हाफ़िज़ के मुताबिक़ इस मुलाकात में मुंबई हमले की चर्चा हुई थी. उस पहलू का ज़िक्र करते हुए उन्होंने बताया है, "26/11 की घटना पर भारत द्वारा दिए सबूत किस तरह ख़ारिज़ हुए, इस पर चर्चा हुई और मैंने वैदिक से पूछा कि भारत पाकिस्तान की अदालतों का सम्मान क्यों नहीं करता?"
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