अब 32 और 47 रुपए से तय होगी ग़रीबी

रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर सी रंगराजन के पैनल ने ग़रीबी रेखा पर अपनी रिपोर्ट में शहर में प्रतिदिन 47 रूपये और गांवों में 32 रूपये से ज़्यादा खर्च करने वालों को ग़रीबी रेखा से ऊपर रखा है.
रंगराजन कमिटी ने तेंदुलकर कमिटी की रिपोर्ट को ख़ारिज करते हुए कहा कि 2011-12 में गरीबों की संख्या 29.5 फीसदी यानी 36 करोड़ 30 लाख से ज़्यादा थी. जिसका मतलब है भारत में हर 10 में से तीन व्यक्ति ग़रीब है.
जबकि तेंदुलकर कमिटी ने साल 2011-12 में 21.9 फीसदी यानी 27 करोड़ लोगों को ग़रीबी रेखा से नीचे बताया था. यह रंगराजन कमिटी के नए आंकड़े से 35 फीसदी कम है.
तेंदुलकर कमिटी की रिपोर्ट ने 33 रूपये प्रतिदिन से ज़्यादा खर्च करने वाली शहरी आबादी और 27 रूपये प्रतिदिन से ज़्यादा खर्च करने वाली ग्रामीण आबादी को गरीबी रेखा से ऊपर माना था.
पिछली यूपीए सरकार ने 2012 में तेंदुलकर कमिटी की समीक्षा के लिए सी रंगराजन के नेतृत्व में विशेषज्ञों का एक समूह नियुक्त किया था.
सरकार की इस बात के लिए काफ़ी आलोचना हो रही थी कि तेंदुलकर कमिटी ने ग़रीबी को काफ़ी कम कर के दिखाया है.
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