सार्क देशों के लिए उपग्रह लॉन्च करें भारतीय वैज्ञानिक: मोदी

पीएसएलवी सी-23

इमेज स्रोत, ISRO

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय वैज्ञानिकों से आह्वान किया है कि वे सार्क देशों के लिए एक उपग्रह लॉन्च करें, जिसे भारत के पड़ोसी देशों को आधुनिक तकनीकी का लाभ मिल सके.

मोदी ने पीएसएलवी सी-23 के प्रक्षेपण के बाद इसरो के वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए कहा, "यह उपग्रह भारत की तरफ से पड़ोसी देशों को तोहफ़ा होगा. ताकि दूरस्थ शिक्षा, टेलिमेडिसिन, और कृषि संबंधी जानकारी जैसी सुविधाएं उन्हें मिल पाएं.''

सार्क देशों में भारत के अलावा पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, अफ़ग़ानिस्तान, नेपाल, मालदीव और भूटान शामिल हैं.

मोदी ने कहा, "मानव के विकास की गाथा उपनिषद से उपग्रह तक पहुंची चुकी है."

इससे पहले पीएसएलवी सी-23 को सुबह नौ बजकर 52 मिनट पर आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से सफलतापूर्वक प्रक्षेपित कर दिया गया.

प्रक्षेपण

44 मीटर ऊंचे, 230 टन वज़नी और क़रीब 100 करोड़ रुपए की लागत वाले इस रॉकेट ने पांच विदेशी उपग्रहों को अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया गया. इनमें फ्रांस का 714 किलोग्राम भार वाला स्पॉट-7 प्रमुख है.

पीएसएलवी सी-23

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इसके अलावा पीएसएलवी सी-23 ने जर्मनी के 14 किलो भार वाले एआईएसएटी, कनाडा के 15-15 किलो भार वाले एनएलएस7.1 (सीएएन-एक्स4) और एनएलएस7.2 (सीएएन-एक्स5) और सिंगापुर के सात किलो वज़न वाले वीईएलओएक्स-1 उपग्रह को भी अंतरिक्ष में भेजा गया.

पहले इसे नौ बजकर 49 मिनट पर प्रक्षेपित किया जाना था, लेकिन अंतरिक्ष में मौजूद मलबे से संभावित टकराव को टालने के लिए इसे तीन मिनट आगे बढ़ा दिया गया था.

भारत ने 1999 से लेकर अब तक पीएसएलवी के ज़रिए 19 देशों के 40 उपग्रहों को अंतरिक्ष में स्थापित किया है.

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