अलंग शिप ब्रेकिंग यार्ड में धमाका

इमेज स्रोत, AFP GETTY
भारत में पश्चिमी राज्य गुजरात के भावनगर ज़िले के अलंग में शनिवार को शिप-ब्रेकिंग यार्ड में धमाके की वजह से कम से कम पांच लोग मारे गए हैं और सात अन्य ज़ख़्मी हुए हैं.
अलंग मरीन पुलिस स्टेशन में सब इंस्पेक्टर केजी राठौड़ ने बीबीसी से बातचीत में इस हादसे और मृतकों की संख्या की पुष्टि की है.
उन्होंने बताया कि धमाका यार्ड के प्लॉट नंबर 140 में हुआ जहां 13-14 लोग जहाज़ तोड़ रहे थे.
उन्होंने बताया कि धमाका संभवत: गैस रिसाव की वजह से हुआ है.
उन्होंने बताया कि धमाका इतना ज़ोरदार था कि पांच लोग घटनास्थल पर ही मारे गए, घायलों को नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.
फोरेंसिक जांच दल घटनास्थल पर पहुंचा है और जांच के बाद ही धमाके की असल वजह पता चल पाएगी.
अलंग एशिया का सबसे बड़ा जहाज़ तोड़ने वाला अड्डा है और 'जहाज़ों के क़ब्रिस्तान' के नाम से जाना जाता है.
दुनिया भर से हज़ारों पुराने जहाज़ यहां तोड़े जाने के लिए लाए जाते हैं.
अलंग शिपयार्ड में हर साल औसतन 300 से 350 तक जहाज़ तोड़े जाते हैं. बताया जाता है कि जहाज़ तोड़ने के काम में लगे मज़दूरों को इसकी ट्रेनिंग दी जाती है लेकिन जानकार बताते हैं कि यह ट्रेनिंग काफ़ी नहीं होती है.
गुजरात में, अलंग शिपयार्ड के अलावा जामनगर के सचाणा शिपयार्ड में भी जहाज़ों को तोड़ने का काम होता है.
लेकिन सचाणा में ये काम फ़िलहाल बंद है. इसकी वजह से अलंग शिपयार्ड में काम पहले से अधिक बढ़ गया है.
एक अनुमान के मुताबिक़, अलंग शिपयार्ड में पंद्रह से बीस हज़ार लोग काम करते हैं. यहां जहाज़ों को तोड़ने से काफ़ी बड़ी मात्रा में स्टील निकलता है. यही वजह है कि इसे गुजरात की अर्थव्यवस्था के हिसाब से महत्वपूर्ण माना जाता है.
अलंग शिपयार्ड, इससे पहले साल 2009 में चर्चा में आया था. तब भारत ने अमरीका के एक पूर्व नौसैनिक जहाज़ 'प्लेटिनम 2' के आने पर रोक लगा दी थी. इसकी वजह ये थी कि 'प्लेटिनम 2' में कथित ज़हरीला पदार्थ पाया गया था.
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