'ग़लती से' कारतूस दिल्ली लाए अमरीकी से केस हटा

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दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अमरीकी पुलिस कर्मी पर भारत यात्रा के दौरान कारतूस रखने के आरोप में दर्ज की गई एफ़आईआर रद्द कर दी है.
मैनी एनकार्नेशियां नाम के ये पुलिस कर्मी मार्च में भारत आए थे. उन तीन ज़िंदा कारतूस रखने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने एफ़आईआर दर्ज की थी.
दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस सुनील गौड़ ने मैनी एनकार्नेशियां पर दर्ज एफ़आईआर यह कहते हुए रद्द कर दी कि जब मैनी इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे थे तब उन्हें अपने पास कारतूस होने का आभास नहीं था.
मैनी के वकील समरजीत पटनायक ने कहा, "मैनी पर लगे सभी आरोप ख़ारिज कर दिए गए हैं." मैनी के कोट की जेब से पुलिस को तीन कारतूस मिले थे.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक दिल्ली पुलिस के वकील विनोद दिवाकर और मैनी के वकील समरजीत पटनायक ने एफ़आईआर रद्द किए जाने की पुष्टि की है. अदालत का विस्तृत फ़ैसला अगले कुछ दिनों में उपलब्ध हो जाएगा.

मैनी साल 2004 से न्यूयॉर्क पुलिस डिपार्टमेंट (एनवाईपीडी) के कर्मचारी हैं.
'आभास नहीं हुआ'
अपनी पत्नी से मिलने भारत आए मैनी ने अपनी सफ़ाई में कहा था कि भारत आने से पहले वे एनवाईपीडी की फ़ायरिंग रेंज में गए थे और कारतूस उनके कोट की जेब में रह गए थे.
मैनी के वकील ने अदालत से कहा, "इसके बाद उन्होंने कोट को सामान के साथ पैक कर दिया था. उन्हें उसकी जेब में कारतूस होने का आभास नहीं हुआ."
इससे पहले मैनी को ज़मानत तो मिल गई थी लेकिन मामले में फ़ैसला आने तक भारत छोड़ने पर पाबंदी लगा दी गई थी. दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने मैनी की याचिका का यह कहते हुए विरोध किया था कि उन पर आर्म्स एक्ट लागू होता है.
मैनी के वकील समरजीत पटनायक का कहना है कि वो कोर्ट में जमा मैनी का पासपोर्ट लेने के लिए अर्ज़ी देंगे और मैनी अगले हफ़्ते के अंत तक भारत से जा सकेंगे.
मैनी एनकार्नेशियां की गिरफ़्तारी भारत और अमरीका के बीच राजनयिक देवयानी खोबरागडे की गिरफ़्तारी से उपजे तनाव के बाद हुई थी. देवयानी पर अमरीका में वीज़ा धोखाधड़ी के आरोप लगे थे. हालांकि भारतीय अधिकारियों ने कहा था कि एनकार्नेशियां की गिरफ़्तारी का खोबरागडे विवाद से कोई लेना-देना नहीं है.
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