सहारा ने कोई आदेश नहीं माना: सुप्रीम कोर्ट

सुब्रत रॉय सहारा

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सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत रॉय को हिरासत में रखने को चुनौती देने वाली याचिका को ख़ारिज कर दिया है. रॉय को निवेशकों का पैसा वापस न करने के मसले में हिरासत में रखा गया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "इस याचिका में कोई विचारयोग्य बात नहीं है. हम इसे ख़ारिज करते हैं."

अदालत ने कहा, "जब समूह को निवेशकों का पैसा लौटाने के लिए तैयार करने के सारे प्रयास विफल हो गए तो हमें कड़े क़दम उठाने पड़े. रॉय और उनकी कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की व्यवस्थित तरीके से अवहेलना की है."

'आदेशों की अवहेलना'

अदालत ने कहा, "तथ्य बताते हैं कि सहारा समूह ने सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और एसएटी के सभी आदेशों की अवहेलना की है. न्यायिक आदेशों की उपेक्षा करने की इजाज़त नहीं दी जा सकती और हमारे आदेशों की अवमानना क़ानून के शासन को प्रभावित करना है."

अदालत के इस फ़ैसले का मतलब है कि सुब्रत रॉय जेल में ही रहेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने उनसे निवेशकों का पैसा लौटाने के लिए नया प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा है.

अदालत के मुताबिक़, "हम इस तरह के व्यवहार को अनुचित समझते हैं क्योंकि हमारा आदेशों की पालना होनी चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट ने सहारा द्वारा निवेशकों का पैसा लौटाने के दावों को यह कहते हुए ख़ारिज कर दिया कि इस बात को साबित करने के लिए कोई विश्वसनीय सबूत नहीं हैं.

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