चुनाव: कांग्रेस और बीजेपी में तेज़ होते शब्दों के तीर

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लोकसभा चुनावों का आख़िरी चरण अब पूरा होने में अब बेहद कम वक्त बचा है लेकिन तीखी बयानबाज़ी की रफ़्तार तेज़ हो गई है.
चुनाव की ज़ुबानी जंग की सुर्ख़ियों में कांग्रेस पार्टी की ओर से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी हैं वहीं दूसरी ओर भाजपा खेमे से भी पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी हैं.
रायबरेली में चुनावी जनसभा में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि भाजपा सत्ता की भूखी है और यह सत्ता हासिल करने के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार है.
पंजाब में उन्होंने गुजरात के विकास मॉडल पर ऐतराज़ जताते हुए कहा कि "भगवान देश को इस विकास मॉडल से बचाएं."
प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को उनके ही गढ़ गुजरात में आड़े हाथों लेते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि राज्य में 6,000 किसानों ने आत्महत्या की है और गुजरात के मुख्यमंत्री देश में हर जगह यह कह रहे हैं कि गुजराती किसान दिनोंदिन संपन्न होते जा रहे हैं.
राहुल गांधी ने पार्टी की एकजुटता वाली भावना को जाहिर करते हुए कहा, "मोदी जी हमेशा कहते हैं कि मैंने यह किया, मैंने वह किया लेकिन कांग्रेस 'मैं' के बजाए 'हम' में यकीन रखती है."
वहीं अदाणी-नरेंद्र मोदी के कथित संबंधों पर उन्होंने कहा, "मोदी ने अदाणी को उनकी कंपनी से बिजली खरीदने के लिए 26,000 करोड़ रुपये का अनुबंध दिया. जिस कंपनी की हैसियत 3,000 करोड़ रुपये थी अब वह 40,000 करोड़ रुपये हो गई है."
उनका कहना था कि मोदी सरकार जो पैसे अदाणी को देती है, उसी पैसे का इस्तेमाल उनके चुनावी अभियान के लिए किया जाता है.
हालांकि, रविवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में अदानी ग्रुप ने इन आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि मोदी सरकार से कंपनी को कोई विशेष लाभ नहीं मिला है.

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गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपनी आवाज़ बुलंद की और राहुल गांधी को 'हद में रहने' की चेतावनी दे डाली.
मोदी ने कहा, ‘चीजें हद में रहें तो अच्छा है. आप सरकार के कामकाज पर चर्चा के लिए खुलकर सामने आएं. आप भाग क्यों रहे हैं.’
मोदी ने राहुल के उस बयान पर अपनी चेतावनी दी जिसमें उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री को ‘उस वक्त तक नींद नहीं आती जब तक वह झूठ न बोलें.’
उन्होंने राहुल और सोनिया पर पलटवार करते हुए कहा कि वे दोनों झूठ बोलने में एक-दूसरे से स्पर्धा कर रहे हैं. साथ ही गांधी परिवार को अपने निशाने पर लेते हुए उन्होंने कहा कि साठ साल तक इस परिवार के वंशवाद को किसी ने चुनौती नहीं दी.
गुजरात मॉडल पर बवाल
कांग्रेस की स्टार प्रचारक प्रियंका गांधी भी नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ निशाना साध रही है. मोदी ने हाल में एक चुनावी रैली में कहा था कि कांग्रेस 'आरएसवीपी' मॉडल के प्रति वफादार है. इसके जरिये मोदी का इशारा राहुल, सोनिया, वाड्रा और प्रियंका से था.
इस पर प्रियंका ने जवाब देते हुए कहा कि भाजपा नेता जनता को अंग्रेजी की एबीसीडी और आरएसवीपी बताने के बजाए यह बताएं कि वे जनता के लिए क्या करेंगे.

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उन्होंने कहा कि इशारों में यह भी कहा कि गुजरात मॉडल के नाम पर किसानों का शोषण हुआ है और वहां की हजारों एकड़ जमीन मोदी के ‘दोस्तों’ को कौड़ियों के दाम पर दे दी गई.
मोदी और गुजरात मॉडल पर प्रियंका के बयान पर भाजपा के रवि शंकर प्रसाद ने कहा, "गुजरात मॉडल पर सवाल करने से पहले प्रियंका जी को यह जवाब देना चाहिए कि रॉबर्ट वाड्रा मॉडल क्या है."
बड़े नेताओं के अलावा कुछ अन्य लोगों के चुनावी बयान पर भी ख़ूब हो-हल्ला मचना जारी. योगगुरु बाबा रामदेव का राहुल गांधी से जुड़ा एक बयान काफ़ी चर्चा में रहा कि वह दलितों की बस्ती में हनीमून और पिकनिक मनाने जाते हैं लेकिन किसी दलित की लड़की से शादी नहीं कर सकते.' हालांकि बाद में इस बयान पर सफ़ाई भी दी गई.
चुनाव की जुबानी जंग में वित्त मंत्री पी. चिदंबरम भी कहां पीछे रहने वाले थे. उन्होंने कहा, "वास्तविक सवाल यह है कि क्या गुजरात मॉडल नाम का कोई मॉडल है क्या? गुजरात एक औसत राज्य है, न तो इसका प्रदर्शन शानदार और न ज़्यादा ख़राब है. मोदी एक औसत राज्य के मुख्यमंत्री हैं."
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