मुसलमानों को सांप्रदायिक होना होगा: शाज़िया इल्मी

शाजिया इल्मी

इमेज स्रोत, Reuters

आम आदमी पार्टी की नेता शाज़िया इल्मी का एक विवादास्पद वीडियो यूट्यूब पर सामने आया है जिसमें वो ये कहती हुई दिखाई दे रही हैं कि मुसलमानों को सेक्युलर न होकर पहले अपने घर को देखना चाहिए.

शाज़िया इस विवादास्पद वीडियो में कहती दिखती हैं, "मुसलमान बहुत सेक्युलर है. मुसलमानों को सांप्रदायिक होना होगा. वो कभी अपनों को वोट नहीं देता है."

हालांकि शाज़िया ने अपनी सफाई में कहा है कि उन्होंने ये बात मजाकिया लहजे में कही थी और उनका मकसद मुसलमान समुदाय की वास्तविक समस्याओं की ओर ध्यान खींचना था.

सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो में शाज़िया मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों के साथ बैठकर बातचीत करती हुई दिखाई दे रही हैं.

शाज़िया इल्मी उत्तर प्रदेश की गाज़ियाबाद सीट से आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार हैं.

विवादास्पद वीडियो में शाज़िया कहती हैं, "मैं तो कहती हूं कि आप लोग इतने सेक्युलर न होइए. इस बार पहले अपने घर को देखिए. मुसलमान सेक्युलर हैं. औरों को वोट देता रहता है. बाकी पार्टियां तो यह नहीं करती हैं. उनका तो वोट बंधा हुआ है."

उन्होंने कहा, "मैं खुलकर कहती हूं. ये बहुत विवादित बात है, लेकिन बहुत सही बात है."

इस बातचीत के दौरान एक व्यक्ति ने जब ये कहा कि मुसलमानों के हिस्से में बस दो काम हैं कि डरो और हराओ, इस पर शाज़िया ने कहा, "इस बार काम बदल दो. लड़ो और जीतो."

इस वीडियो पर विवाद बढ़ने के बाद आम आदमी पार्टी ने बुधवार को शाजिया इल्मी का एक बयान जारी किया.

सफाई

बयान में शाजिया ने कहा है, "बातचीत के लहजे से ये साफ है कि मैं 'सेक्युलर' और 'कम्युनल' शब्द का इस्तेमाल मजाक के तौर पर कर रही थी. और एक 90 सेकेंड के वीडियो के जरिए आधे घंटे तक चली अनौपचारिक बातचीत के संदर्भ का दावा किया जा रहा है."

उन्होंने कहा, "सीधी बात है कि मुसलमान समुदाय ने लंबे समय से खुद का इस्तेमाल धर्मनिरपेक्ष दलों को करने दिया... बेहतर ये होगा कि समुदाय अपनी ज़िंदगी से जुड़े असली मसलों पर ध्यान दे."

शाजिया इल्मी कहती हैं, "ये भी ध्यान देने वाली बात है कि मैं एक ऐसे उम्मीदवार को वोट देने की अपील कर रही थी, जो मुसलमान नहीं है, और उस नेता के नाम पर वोट देने के लिए कह रही थी जो मुसलमान नहीं है."

उन्होंने कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया.

आम आदमी पार्टी ने इस वीडियो में कही गई बातों से किनारा करते हुए अपने ट्विटर खाते पर लिखा है, "आम आदमी पार्टी इस तरह की राजनीति में विश्वास नहीं रखती है और न ही इसका समर्थन करती है."

बीते दिनों चुनाव प्रचार के दौरान सांप्रदायिक आधार पर कई नेताओं के बयान आए हैं. इनमें भाजपा के गिरिराज सिंह और अमित शाह, समाजवादी पार्टी के आज़म ख़ान और विश्व हिंदू परिषद के प्रवीण तोगड़िया शामिल हैं.

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