'निवेश के लिए चीन और अमरीका से बेहतर भारत'

शंघाई का निर्माण उद्योग

प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के नियमों में ढील देने के बाद भारत, चीन और अमरीका को पछाड़ते हुए पूंजी निवेश के लिहाज से दुनिया का सबसे आकर्षक देश बन गया है.

शीर्ष कंसल्टेंसी फर्म 'अर्न्स्ट यंग' (ईवाई) के ग्लोबल सर्वे में भारत को पूंजी निवेश के मामले में सबसे पसंदीदा देशों में पहले स्थान पर रखा गया है.

इस सूची में ब्राज़ील दूसरे, चीन तीसरे, कनाडा चौथे और अमरीका पांचवें पायदान पर है.

शीर्ष दस की सूची में दक्षिण अफ्रीका छठे नंबर पर, वियतनाम सातवें, म्यांमार आठवें, मेक्सिको नौवें और इंडोनेशिया दसवें स्थान पर है.

ईवाई का कहना है, ''मुद्रा अवमूल्यन और विभिन्न क्षेत्रों में एफडीआई खोलने से भारत विदेशी पूंजी निवेशकों के बीच सबसे आकर्षक स्थान बन गया है.''

अगस्त में भारत सरकार ने मल्टी ब्रांड रिटेल और टेलीकॉम समेत कई सेक्टरों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश <link type="page"><caption> (एफडीआई)</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2011/12/111214_fdi_choice_da.shtml" platform="highweb"/></link> के नियमों में ढील देने की घोषणा की थी.

बेहतर अवसर

भारत का निर्माण उद्योग

अर्न्स्ट यंग के अनुसार मौजूदा आर्थिक दबाव और भारी कर्ज की स्थिति के चलते कई भारतीय कंपनियां गैर महत्वपूर्ण कारोबार में विनिवेश कर रही हैं.

ईवाई की रिपोर्ट का कहना है कि ये स्थिति विदेशी कंपनियों को <link type="page"><caption> भारतीय बाजार</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2012/06/120606_infrastructure_manmohan_vv.shtml" platform="highweb"/></link> में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए बड़े पैमाने पर बेहतर अवसर दे रही है.

रिपोर्ट के अनुसार "अमरीका, फ्रांस और जापान भारत में शीर्ष तीन संभावित निवेशक हैं."

अर्नस्ट यंग ने ये रिपोर्ट 72 देशों की कई बड़ी कंपनियों के 1600 वरिष्ठ अधिकारियों के बीच किए सर्वे के आधार पर तैयार की है. रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है कि अगले बारह महीनों में भारत के आर्थिक हालात में सुधार आएगा.

रिपोर्ट में कहा गया है कि <link type="page"><caption> भारतीय कंपनियां</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/rolling_news/2012/03/120301_fdi_economy_rn.shtml" platform="highweb"/></link> लागत खर्च में कमी के अलावा नौकरी के अवसर उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दे रही हैं.

अर्न्स्ट एंड यंग में नेशनल लीडर एंड पार्टनर (कंपनी ट्रांसेक्शन एडवायजरी सर्विस) अमित खंडेलवाल का कहना है, "भारत की ओर देख रहे निवेशक मान रहे हैं कि देश के सामने हाल में आई आर्थिक चुनौतियों के बावजूद यहां का माहौल सकारात्मक है."

(निवेश अप्रैल 2000 से अगस्त 2013 के बीच)

वहीं दूसरी ओर रिपोर्ट ये भी कहती है कि भारत का कारोबारी जगत विकसित बाजारों में अधिग्रहण की संभावनाएं तलाश रहा है.

एक अन्य महत्वपूर्ण बात यह भी है कि दो साल बाद यूरोपीय देश (ब्रिटेन और जर्मनी) भारतीय कंपनियों में निवेश के लिए वापसी कर रहे हैं.

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