'दिल्ली की जनता ने हमें कभी रिजेक्ट नहीं किया'

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भारतीय जनता पार्टी के दिल्ली में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार डॉक्टर हर्षवर्धन का कहना है कि राष्ट्रमंडल खेलों का मामला वैसे तो केंद्र सरकार का विषय है, फिर भी उनकी पार्टी की सरकार बनने पर वह इसकी जांच के बारे में सलाह-मशविरा करेंगे.

बीबीसी हिंदी के लाइव चैट में हर्षवर्धन श्रोताओं के सवालों का उत्तर दे रहे थे. उन्होंने कहा कि मैं आगे की तरफ़ सोचने वाला आदमी हूं और मैं पुरानी चीज़ों में घुसकर समय बर्बाद नहीं करना चाहता.

पाकिस्तान से संबंधों के बारे में एक सवाल के जवाब में उनका कहना था कि वह आज़ादी से पहले हमारा ही हिस्सा रहा है. दुर्भाग्य से पाकिस्तान की नीति हमारे साथ स्वस्थ और ईमानदार नहीं रही है. इसलिए जैसा पाकिस्तान हमारे साथ व्यवहार करता है, उसका सामना कड़ाई से करना चाहिए.

हर्षवर्धन का कहना था कि दिल्ली के लिए हमारी योजना के पांच मुख्य बिंदु हैं-ग़रीबों के लिए लो प्राइस हाउसिंग प्रोजेक्ट, नौकरियों का प्रबंध और नए कॉलेजों का निर्माण ताकि दिल्ली के बच्चे अमरीका-लंदन न जाएं. उन्होंने कहा कि इसके अलावा हम यमुना की सफाई, यूनिवर्सल हेल्थ इंश्योरेंस और महिलाओं की सुरक्षा और भ्रष्टाचार के उन्मूलन पर विशेष ध्यान देंगे.

उनका कहना था कि दिल्ली में हमें 1998 से 2013 तक सरकार बनाने लायक सफलता भले ही न मिली हो, लेकिन विधानसभा में हमारा ग्राफ़ लगातार बढ़ता रहा है.

श्रोताओं के सीधे सवालों के जवाब में हर्षवर्धन ने कहा कि इन सालों में भाजपा ने न सिर्फ सातों लोकसभा सीटें जीतीं बल्कि 2007 में दिल्ली नगर निगम और 2012 में तीन नगर निगमों में भी जीत दर्ज की.

उनका कहना था, "पूर्वी दिल्ली में शीला जी के बेटे हैं, उनकी ताकत थी फिर भी हम जीते. दिल्ली कैंट हमने जीता. हां, विधानसभा में सफलता नहीं मिली, पर जनता ने हमें कभी रिजेक्ट नहीं किया है."

पोलियो उन्मूलन

हर्षवर्धन का कहना था कि पोलियो का उन्मूलन करना मेरा सपना था, लेकिन अब भारत समेत पूरा दक्षिण एशिया पोलियोमुक्त हो रहा है.

उन्होंने कहा कि दिल्ली में समस्याएं तो सारी ही चुनौतीपूर्ण हैं. बावजूद इसके यदि भ्रष्टाचार पर काबू पा लें, तो कई चीज़ें कंट्रोल में आ सकती हैं.

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इमेज कैप्शन, डॉक्टर हर्षवर्धन ने बीबीसी के स्टूडियो में श्रोताओं के तमाम सवालों का जवाब दिया

एफ़डीआई के मुद्दे पर एक सवाल पर उनकी दो-टूक राय थी, "एफ़डीआई के बारे में हमारी पार्टी की राय स्पष्ट है. बाहर से उन क्षमताओं को लाने की ज़रूरत नहीं है, जो हमारे पास हैं. इसलिए एफ़डीआई को भारतीय व्यापार में लाने की कोई ज़रूरत नहीं है."

अरविंद केजरीवाल के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "हम किसी पार्टी को अपनी पार्टी में विलय कराने की रणनीति नहीं रखते हैं. अगर कोई व्यक्ति देश के बारे में सोचता है और वह हमारे साथ आना चाहता है, तो सोचेंगे लेकिन पूरी पार्टी का विलय हमारी पार्टी में हो जाए, ये सोचना मुश्किल है."

नरेंद्र मोदी

नरेंद्र मोदी के बारे में पूछे गए सवालों पर उन्होंने कहा कि मोदी जी आने वाले समय में भारत के प्रधानमंत्री बनेंगे. उन्होंने गुजरात में प्रशासन का एक मॉडल दिया है और वैसा ही मॉडल वह देश में स्थापित करेंगे.

पिछले साल दिल्ली में हुई बलात्कार की घटना के बारे में उनका कहना था, "समाज में अपराध फैलने से रोकने के लिए समाज को भी बदलना होगा. स्कूलों के अंदर इससे जुड़ी हुई चीज़ों को बेहतर करना होगा, नैतिक शिक्षा पर ज़ोर देना होगा ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके. कई बेरोज़गार नौजवान हैं, जिन्हें ठीक संस्कार नहीं मिले हैं. उनके पास काम नहीं होता. इसके लिए एक साथ कई फ्रंट पर काम करना होगा तभी ये समस्याएं खत्म हो सकेंगी."

उन्होंने कहा कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग सबसे पहले भाजपा की ही रही है. उनका कहना था कि कांग्रेस पिछले दस साल से देश में है, शीला जी 15 साल से हैं, अगर दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने में उनकी नीयत साफ़ होती तो अभी तक दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिल गया होता.

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