इंडियन ग्रां प्री: क्या होगा वर्ल्ड ख़िताब का फैसला

रविवार को होने वाली इंडियन ग्रां प्री में रफ्तार के शौकीनों की नज़र जहां फ़र्राटा रेस के रोमांच पर होगी, वहीं जर्मन ड्राइवर सेबेस्टियन वेटल की नज़र लगातार चौथी बार विश्व ख़िताब जीतने पर होगी.
पोल पोज़िशन हासिल करने वाले रेड बुल के वेटल अगर बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर होने वाली फ़ॉर्मूला वन रेस अपने नाम कर लेते हैं तो विश्व ख़िताब उनके खाते में चला जाएगा.
शनिवार को हुई रेस में वेटल को पोल पोज़िशन मिली (स्टार्टिंग ग्रिड पर सबसे आगे) जबकि मर्सडीज़ के निको रोज़बर्ग को दूसरा स्थान हासिल हुआ. रोज़बर्क की ही टीम के लुइस हैमिल्टन को तीसरा स्थान मिला. चौथा स्थान वेटल की टीम के मार्क बेवर को मिला.
वहीं फरारी के फर्नांडो अलोंसो आठवें स्थान पर रहे. खिताब की रेस में अलोंसो ही वेटल के निकटतम प्रतिद्वंद्वी हैं.
इस सीज़न में लगातार सातवीं बार पोल पोजिशन हासिल करने के बाद वेटल ने कार रेडियो पर कहा, “हां दोस्तो, हां. जो हम करना चाहते थे, हमने कर दिया. ज़बरदस्त. कार बहुत ही बढ़िया थी.”
वैसे 2011 में शुरू हुई इंडियन ग्रां प्री में अब तक वेटल ही जीत का झंडा फहराते रहे हैं.
इंडियन ग्रां प्री में वेटल अगर पांचवें स्थान पर आते हैं तो भी उन्हें वर्ल्ड ख़िताब मिलना तय है, फिर भले ही स्पेन के अलोंसो को कोई भी स्थान मिले (बशर्ते उन्हें 16 अंक न मिलें).
अनिश्चित्ता के बादल
भारत में फॉर्मूला वन रेस सिर्फ़ तीन साल पुरानी है और इसका कॉन्ट्रैक्ट ख़त्म होने में दो साल बाकी हैं लेकिन भारतीय ग्रां प्री का भविष्य अभी से अनिश्चित लग रहा है.
फॉर्मूला वन के प्रमुख बर्नी एकलस्टोन पहले ही कह चुके हैं कि रेसिंग कैलेंडर में सुधार के लिए भारत में 2014 में होने वाली ग्रां प्री को हटाना पड़ेगा.
इस रेस को देखने के लिए हर साल लोग पहुंचते हैं. हज़ारों लोग फॉर्मूला वन सर्किट तक आते हैं और लाखों लोग टीवी पर इसे देखते हैं.
लेकिन कई लोग ये सवाल उठा रहे हैं कि भारतीय रेस से होने वाले आर्थिक फायदे क्या वाकई इतने ज़्यादा हैं कि कंपनियां इसमें निवेश करें.
रेस के ड्राइवर और बॉलीवुड की अभिनेत्रियां रेस के दिन होने वाले कार्यक्रमों में छाई रहती हैं.
लेकिन मैक्लॉरेन के ड्राइवर सर्गियो पेरेज़ मानते हैं कि ये रेस अब तक भारत की जनता के दिल-ओ-दिमाग़ पर नहीं छाई है.
उनका कहना है कि ये बड़े दुख की बात है कि ये रेस भारत में अगले साल नहीं होगी.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक करें</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link>. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>












