जिधर देखिए टैटू ही टैटू हैं..

शामली
इमेज कैप्शन, शामली कहती हैं कि टैटू का चलन बहुत तेज़ी से बढ़ रहा है.
    • Author, वर्तिका
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, दिल्ली

"टैटू मेरी ज़िंदगी में मील के पत्थर की तरह हैं. जब भी मेरे जीवन में कोई ख़ास पड़ाव आता है, मैं उसकी याद में एक टैटू बनवा लेती हूँ. हाल ही में मेरी मम्मी ने भी एक टैटू बनवाया है."

यह कहना है 22 साल की ख़ूबसूरत शामली का, जो ख़ुद भी पेशेवर टैटू आर्टिस्ट हैं. उनके शरीर पर कम से कम दस रंग- बिरंगे टैटू बने हुए हैं.

शामली ने ग्राफिक डिज़ाइनर की नौकरी छोड़ कर टैटू बनाना करियर के तौर पर चुना.

25 साल के मोहित के दाएं हाथ पर टैटू बना रहे कलाकार ने देखते ही देखते उनके पिता की तस्वीर हू-ब-हू उनके हाथ पर उतार दी. उन्होंने बताया, "अगले महीने मैं इसी हाथ पर अपनी माँ की तस्वीर का भी टैटू बनवाऊंगा".

'जीवन भर फ़ख्र'

मोहित
इमेज कैप्शन, मोहित को डर है कि उनके माता-पिता टैटू की वजह से उनसे नाराज़ होंगे.

मोहित ने कहा, "मैं पिछले 10 साल से टैटू बनवाने के बारे में सोच रहा था लेकिन मैं चाहता था कि मैं कुछ ऐसा बनवाऊं जिसे देख कर मैं जीवन भर फख्र महसूस कर सकूँ. इसलिए मैंने इंतज़ार किया."

मोहित ने <link type="page"><caption> टैटू बनवाने के बारे में</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/04/130404_tattoo_gallery_vr.shtml" platform="highweb"/></link> अपने घर पर नहीं बताया है, और उन्हें डर है कि उनके माता- पिता टैटू बनवाने के लिए उनसे नाराज़ होंगे.

एक लॉ फर्म में काम करने वालीं नेहा के पैर में दो टैटू हैं. उन्होंने बताया, "जब मैंने पहला टैटू बनवाया था तब दो साल लग गए थे मुझे अपने माता-पिता को मनाने में लेकिन अब सब ठीक है. मुझे लगता है कि अब हमारे समाज का नज़रिया बदल रहा है."

उन्होंने कहा, "अब वे उन चीज़ों को स्वीकार कर रहे हैं जिन्हें वह पहले नहीं अपनाते थे. अपनी मर्ज़ी से अपने पैसे खर्च करने की अब पहले से ज़्यादा आज़ादी है."

मोहित कहते हैं, "मैं उन सभी लोगों का टैटू अपने शरीर पर बनवाना चाहता हूँ जो मेरी ज़िंदगी में मायने रखते हैं ताकि वो हर पल मेरे साथ रहें."

लेकिन श्याम अपने हाथ पर एक अंग्रेजी टीवी सीरियल ब्रेकिंग बैड के मुख्य किरदार हेज़नबर्ग की तस्वीर बनवा रहे हैं. श्याम इस किरदार से बहुत प्रभावित हैं. उनके हाथ, पैर और गले पर बहुत से <link type="page"><caption> बड़े टैटू बने हैं</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/07/130721_tattoo_festival_dil.shtml" platform="highweb"/></link>.

श्याम ने बताया, "यह टैटू पिछले आठ घंटे से बन रहा है. इसे पूरा करवाने के लिए मुझे एक-दो बार और आना पड़ेगा."

'कुछ गहरा अर्थ'

श्याम का टैटू बना रहे लोकेश ने बताया, "आठ साल पहले जब मैंने काम शुरू किया था तब महीने में लगभग दस-पंद्रह लोग ही टैटू बनवाने आते थे और अब दिन में दस-पंद्रह लोग आ जाते हैं."

लोकेश कहते हैं, "आजकल लोग ऐसे टैटू ज़्यादा बनवाते हैं जिनका उनके लिए कुछ गहरा अर्थ हो."

लोकेश बताते हैं, "टैटू तीन तरह के होते हैं. धारीदार या ट्राइबल टैटू, पोट्रेट और थ्री-डी."

विज्ञापन जगत में काम करने वाली दीप्ति कई सालों से टैटू बनवाने की सोच रही हैं, उन्होंने कहा, "<link type="page"><caption> टैटू बनवाना</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/09/130928_tattoo_festival_gallery_aa.shtml" platform="highweb"/></link> अपने आपको अभिव्यक्त करने का सबसे आसान तरीका है. मैं अपनी पीठ पर पंजाबी में लिखवाना चाहती हूँ-बिना डर और बिना बैर. यह मेरे जीवन का एक फलसफ़ा है."

लोकेश ने बताया, "ज़्यादातर 18 साल से लेकर 30 साल की उम्र के लोग टैटू बनवाने आते हैं. पहले लोग छोटे आकार के टैटू बनवाते थे लेकिन अब बड़े टैटू बनवाना पसंद करते हैं. पूरी बाजू या पूरी पीठ पर टैटू बनवाने के लिए वे एक लाख से दो लाख रुपए तक खर्च कर देते हैं."

एक छोटे से टैटू पार्लर में काम करने वाले आशू बताते हैं, "मैंने सबसे बड़ा टैटू पूरी पीठ पर बनाया है. उसके 50 हज़ार रूपए लगे थे."

एक हनुमान मंदिर के आगे कुर्सी-मेज डाल कर बैठे सिकंदर कहते हैं, " आज-कल जिसके हाथ पर देखो टैटू ही टैटू है, ऐसे में मुझे लगता है कि अब टैटू बनवाने का कम और हटवाने का ज़ोर ज़्यादा रहेगा."

'अजीब तरह के टैटू'

साफ़ -सफ़ाई का ध्यान
इमेज कैप्शन, डॉक्टर सलाह देते हैं कि टैटू बनवाते हुए साफ़-सफ़ाई का ध्यान न रखने पर संक्रमण का ख़तरा होता है.

लेकिन दिल्ली विश्वविद्यालय के पास कमला नगर बाज़ार में टैटू बनाने की दुकान पर काम कर रहे योगेश के अनुसार, "टैटू बनने तो अब शुरू हुए हैं, पहले तो केवल लोग नाम गुदवाते थे या ओम लिखवाते थे. अब तो <link type="page"><caption> टैटू बनाकर</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/10/131018_tatoo_reunite_family_sks.shtml" platform="highweb"/></link> आप अपनी नौ से पाँच की नौकरी से ज़्यादा कमा सकते हैं."

सिलाई मशीन से कपड़े ऑल्टर करने वाले 50 साल के श्रीकांत ने लगभग 20 पहले मेरठ के नौचंदी के मेले में अपने हाथ पर ओम गुदवाया था.

श्रीकांत कहते हैं, "आज के बच्चे अपने शरीर पर कई जगह अजीब अजीब तरह के टैटू बनवाते हैं, यह तो अपने शरीर को ख़राब करने वाली बात है."

अपोलो अस्पताल के त्वचा विशेषज्ञ डॉक्टर डीएम महाजन कहते हैं, "कई जगह नौकरी के लिए टैटू की मनाही भी होती है. टैटू त्वचा में जितना गहरा होगा उसे हटाने में उतनी ही मुश्किल आती है. काली स्याही साफ़ करना ज़्यादा आसान होता है. एक बार में टैटू साफ़ भी नहीं होता है. लेज़र थेरेपी के लिए दो से तीन बार आना पड़ता है."

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