झारखंड की लड़की को 'यातना', मालकिन गिरफ़्तार

- Author, फ़ैसल मोहम्मद अली
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
दिल्ली के एक पॉश इलाके में पुलिस ने घरेलू नौकरानी को बुरी तरह पीटने और उसे बंधक बना कर रखने के आरोप में एक महिला को गिरफ्तार किया है.
पुलिस ने बीबीसी को बताया कि लड़की के चहरे, सिर और पीठ पर गहरे घाव हैं.
लड़की को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है. अभी यह पता नहीं चल पाया है कि वो बालिग है या नहीं.
इस लड़की को काम पर रखने वाली महिला के खिलाफ धारदार हथियार से वार करने, गलत तरीके से बंधक बना कर रखने और बंधुआ मजदूर की तरह रखने का मामला दर्ज किया गया है.
एक गैर सरकारी सगंठन की मदद से पुलिस ने इस लड़की को दक्षिणी दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में स्थित एक घर से छुड़ाया.
'लड़की सदमे में'
लड़की झारखंड की रहने वाली है और पुलिस परिजनों से सम्पर्क करने की कोशिश कर रही है.
लड़की सदमे में है लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि हालत खतरे से बाहर है.
गैर सरकारी संस्था से जुड़े ऋषिकांत का कहना है, ''बंधक बनाकर रखी गई लड़कियों और महिलाओं को बचाने के लिए कई साल से कोशिश कर रहा हूं लेकिन इतनी हृदय विदारक स्थिति और इस तरह की हिंसा मैंने पहले कभी नहीं देखी.''
उन्होंने कहा, ''लड़की के सिर पर गहरा घाव है, पूरे शरीर पर काटने के निशान साफ दिखते हैं. हमने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया. उसे संक्रमण होने का खतरा है.''
अधिकारी लड़की की उम्र के बारे में पता करने की कोशिश कर रहे हैं.
आम है हिंसा
धनी भारतीय परिवारों में घरेलू नौकर रखना आम बात है. इनमें से अधिकांश आदिवासी इलाकों से लाए गए होते हैं.
बाल सुरक्षा के लिए गठित राष्ट्रीय आयोग से जुड़े गाड्सन मोहनदास कहते हैं, ''घरेलू नौकर उपलब्ध कराने वाली प्लेसमेंट एजेंसियां झारखंड और पश्चिम बंगाल से इन्हें लाती हैं. लेकिन अभी तक उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई जो इन एजेंसियों को चलाते हैं.''
पहले भी मार-पीट और बंधक बनाने की घटनाएं प्रकाश में आती रही हैं.
पिछले साल पुलिस ने दिल्ली के ही एक दंपति को गिरफ्तार किया था जो घर में एक नाबालिक घरेलू नौकरानी को बंद कर छुट्टी मनाने विदेश चला गया था.
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