'देवी के आदेश' पर बेटी की बलि

सिवनी, लड़की, हत्या
    • Author, ऋषि पाण्‍डे
    • पदनाम, भोपाल से बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए

मध्यप्रदेश पुलिस ने सिवनी ज़िले में एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया है. इस व्यक्ति पर अपनी इकलौती बेटी की बलि चढ़ाने का आरोप है.

ये घटना मध्यप्रदेश के सिवनी ज़िले के तुरगा गाँव में हुई है. पुलिस इसे <link type="page"><caption> बलि</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2012/01/120103_human_sacrifice_sdp.shtml" platform="highweb"/></link> की बजाय हत्या का मामला बता रही है.

हत्या के अभियुक्त संतलाल ने पुलिस को बताया कि उसे सपने में दुर्गा देवी ने आकर बलि की मांग की थी.

पुलिस ने आरोपी को आईपीसी की धारा 302 के तहत गिरफ़्तार कर लिया है.

बेटी की हत्या

यह घटना मंगलवार को दोपहर एक बजे की है. सिवनी जिले के तहसील मुख्‍यालय केवलारी से 12 किलोमीटर तुरगा गांव में खैरमाई के मंदिर में यह घटना हुई.

केवलारी थाने के प्रभारी एम ए कुरैशी ने बताया कि उन्‍हें मंगलवार को दिन में ख़बर मिली कि झोलागांव में रहने वाले 40 वर्षीय संतलाल इडपाचे ने अपनी छह साल की मासूम बेटी ऋतु का सर कुल्‍हाड़ी से अलग कर दिया है और खुद बेटी की लाश के पास बैठा है.

कुरैशी घटनास्‍थल पर पहुंचे और उन्‍होने संतलाल को गिरफ़्तार कर लिया. पुलिस को देख संतलाल ने पूजा करना शुरू कर दिया.

संतलाल इस इलाके से पिछली बार जनपद पंचायत सदस्‍य रहा है.

तुरगा गांव में उसका सुसराल है जहां उसने इस घटना को अंजाम दिया.

पुलिस के मुताबिक ऋतु उसकी इकलौती बेटी थी. घर में उसका एक बेटा और पत्‍नी भी है.

सपने में बलि का आदेश

अपनी बेटी को क्‍यों मारा इस सवाल का जवाब संतलाल ने थाना प्रभारी कुरैशी को ये कह कर दिया कि रात में दुर्गा मां सपने में आई थी और उन्‍होंने बलि देने का आदेश दिया था.

कुरैशी का कहना है कि ये बलि का नहीं हत्‍या का मामला है.

उनका तर्क है कि बलि से पहले पूजा पाठ किया जाता है लेकिन लाश को देखकर नहीं लगता कि उसकी पूजा की गई हो.

यहां तक कि अगरबत्‍ती लगाने या बेटी को कुमकुम लगाने के निशान भी नहीं पाए गए.

कुरैशी के मुताबिक आरोपी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है. कभी वो कहता है कि देवी मां के सपने की वजह से बेटी की बलि दी तो कभी कहता है कि सबूत डायरी में है.

डायरी में लिखा पाया गया कि मरे हुए लोग वोट डाल रहे हैं और ज़िंदा लोगो को वोट डालना नसीब नहीं हो रहा है.

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