महंगा ही होता जा रहा है तेल

तेल कंपनियों ने पिछले तीन महीनों में तेल की कीमतों मे छठी बार बढ़ोत्तरी की है, जिससे आम आदमी पर <link type="page"><caption> महंगाई</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2012/09/120913_dieselprice_hike_pp.shtml" platform="highweb"/></link> का बोझ बढ़ेगा.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने और कमज़ोर पड़ते रुपए को देखते हुए शनिवार देर रात पेट्रोल की कीमत 2.35 रुपए और डीजल में 50 पैसे प्रति लीटर बढ़ा दी गई.
इंडियन ऑयल ने पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोत्तरी की घोषणा की है. कंपनी के अनुसार पेट्रोल और डीजल के दाम में की गई इस वृद्धि में वैट यानी मूल्य संवर्धित कर शामिल नहीं है.
कीमतों में बढ़ोत्तरी के बाद दिल्ली में वैट सहित पेट्रोल के दाम 2.83 रुपए बढ़कर 74.10 रुपये लीटर हो गए, जबकि मुंबई में यह 78.61 रुपए से बढ़कर 81.57 रुपए प्रति लीटर होगा.
लगातार छठी वृद्धि
जून के बाद से पेट्रोल के दाम में यह लगातार छठी वृद्धि है.
इस दौरान अब तक पेट्रोल के दाम कुल 9.17 रुपये लीटर तक बढ़ चुके हैं. हालांकि, इस बढ़ोत्तरी में वैट शामिल नहीं है, अगर वैट को भी शामिल कर लिया जाए तो दिल्ली में एक जून से अब तक पेट्रोल 11 रुपये लीटर महंगा हो चुका है.
डीजल के दाम में 50 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी की गई है.
वैट यानी मूल्य वर्धित कर सहित यह वृद्धि 57 पैसे की होगी. दिल्ली में इस बढ़ोत्तरी के साथ डीजल अब 51.97 रुपए में बिकेगा. मुंबई में यह 58.86 रुपये लीटर बिकेगा.
तेल कंपनियां हर दो सप्ताह के बाद पेट्रोल की कीमतों की समीक्षा करती है.
जून 2010 के बाद से लागू नए आर्थिक माहौल में सरकारी कंपनियाँ पेट्रोल के दाम बढ़ाने के लिए स्वतंत्र हैं. जबकि डीज़ल की कीमतों पर अभी भी सरकार का नियंत्रण है.
भारत तेल की अपनी 80 प्रतिशत जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है.












