झारखंड: महिला सुरक्षा को लेकर हाइकोर्ट सख्त

- Author, नीरज सिनहा
- पदनाम, रांची से, बीबीसी हिन्दी डॉट कॉम के लिए
झारखंड हाइकोर्ट ने महिला सुरक्षा पर चिंता जताई है. एक मामले में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा है कि कानून व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी सरकार की है, लेकिन जिस तरह से घटनाएं हो रही हैं उससे लगता है कि सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की है.
कोर्ट ने टिप्पणी की कि महिलाओं को सुरक्षा देने में सरकार पूरी तरह विफल रही है. लड़कियों और महिलाओं में असुरक्षा की भावना बढ़ी है.
हाइकोर्ट के एमिकस क्यूरी दिलीप जेरथ ने बताया है कि कोर्ट ने महिला सुरक्षा पर सरकार से ठोस कदम उठाने को कहा है.
सुनवाई के क्रम में सरकार की तरफ से जो पक्ष रखे गए हैं, उससे भी कोर्ट असंतुष्ट है. कोर्ट ने पहले ही इस मामले में सरकार को ठोस कदम उठाने के आदेश दिए थे लेकिन उसका अनुपालन कायदे से नहीं हो रहा है.
जनहित याचिका
गौरतलब है कि न्यायामूर्ति एनएन तिवारी और न्यायामूर्ति एस चंद्रशेखर की खंडपीठ में छेड़खानी को लेकर स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका के एक मामले में कोर्ट में शुक्रवार और शनिवार को सुनवाई हुई.
इस बीच स्टैंडिग काउसिंल रंगोन उपाध्याय ने बताया है कि कोर्ट ने राज्य सरकार से इस मामले में शपथ पत्र दायर करने को कहा था. साथ ही रांची म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन के सीईओ को उपस्थित होने को कहा था.
उपाध्याय ने बताया कि सरकार की तरफ से शपथपत्र दाखिल किया गया है. शनिवार को म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन के सीईओ कोर्ट में उपस्थित हुए. उन्होंने महिला सुरक्षा को लेकर उठाए गए कदम के बारे में जानकारी दी. छह हफ्ते बाद फिर सुनवाई होगी.
बढ़ती दुष्कर्म की घटनाएं

पिछले महीने पाकुड़ में चार नाबालिग पहाड़िया स्कूली बच्चियों का अगवा कर कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया था.
22 अगस्त की देर रात एनएच 75 पर लातेहार के पास जगलदगा पुल के पास लुटेरों ने लातेहार पुलिस लाइन में पोस्टेड महिला पुलिस के साथ सामूहिक तौर पर कथित दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था.
लातेहार के एसपी माइकल राज ने बताया है कि पुलिस ने इस मामले में कथित पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
पीडि़ता ने टीआइ परेड में कथित दुष्कर्मियों और लुटेरों की पहचान कर ली है. एसपी ने बताया है कि गिरफ्तार अभियुक्तों में एक इंजीनियररिंग का छात्र है.
विरोध प्रदर्शन
लातेहार की घटना के बाद 27 अगस्त की रात रांची से 40 किमी दूर बुंडू अनुमंडल क्षेत्र में भी नवीं कक्षा की एक गरीब छात्रा के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई. इस मामले में सात कथित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है.
29 अगस्त को झारखंड के हजारीबाग में भी 11वीं कक्षा की एक छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म का मामला सामने आया है. उसे दो दिन तक बंधक बना कर रखा गया था.
इस मामले में पुलिस इंस्पेक्टर के एक और पुलिस जवान के एक पुत्र समेत चार कथित अभियुक्तों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. दो कथित अभियुक्तों को हजाराबीग पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार किया था और दो को शानिवार दोपहर में गिरफ्तार किया गया है.
झारखंड में लगातार महिला उत्पीड़न की घटनाओं के विरोध में कई संगठनों ने आंदोलन शुरू कर दिया है. जगह- जगह विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं.
राजधानी रांची में एपवा ने मानव श्रृखंला बनाकर विरोध दर्ज कराया है. महिला कार्यकर्ता सरोजनी बिष्ट ने कहा है कि सरकार फास्ट ट्रैक कोर्ट में दुष्कर्म के मामलों की सुनवाई सुनश्चित कराए और कथित दोषियों को कड़ी सजा दिलाए.
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